Friday, August 28, 2026 |
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‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के लिए गुणवत्ता बने विकास का मूलमंत्र: Piyush Goyal

National Quality Conference में बोले केंद्रीय मंत्री, ‘Brand India’ को बनाना होगा गुणवत्ता और भरोसे का प्रतीक

by Business Remedies
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Business Remedies/नई दिल्ली (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने सोमवार को कहा कि अगर भारत को अपने दीर्घकालिक आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करना है, तो गुणवत्ता को विनिर्माण और export व्यवस्था का मुख्य आधार बनाना होगा।

Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT) और Quality Council of India (QCI) द्वारा आयोजित पहले National Quality Conference को virtual माध्यम से संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री Goyal ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi का ‘Zero Defect, Zero Effect’ का vision अमृत काल में भारत की विकास यात्रा का मार्गदर्शन करना चाहिए और ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को साकार करने में मदद करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “भारत केवल consumer देश बनकर आगे नहीं बढ़ सकता। देश को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों और सेवाओं का वैश्विक manufacturer बनना होगा। ‘Brand India’ विश्वसनीयता, भरोसे और उत्कृष्टता का प्रतीक बनना चाहिए।”

मंत्री ने कहा कि अगले छह से सात वर्षों में 2 trillion dollar के export लक्ष्य, जिसमें 1 trillion dollar goods का और 1 trillion dollar services का export शामिल है, को हासिल करने के लिए भारतीय उत्पादों को वैश्विक मानकों पर खरा उतरना होगा। Goyal ने बताया कि पिछले तीन से साढ़े तीन वर्षों में भारत ने 38 विकसित देशों के साथ नौ Free Trade Agreement (FTA) किए हैं, जो वैश्विक GDP और trade के लगभग दो-तिहाई हिस्से को cover करते हैं।

उन्होंने कहा कि इन समझौतों से textile, leather, footwear और pharma industry जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खुलते हैं, लेकिन इन बाजारों का पूरा लाभ उठाने के लिए भारतीय कंपनियों को लगातार उच्च गुणवत्ता बनाए रखनी होगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि labour-intensive क्षेत्रों में क्षमता होने के बावजूद वैश्विक trade में भारत की हिस्सेदारी अभी भी सीमित है।

Goyal ने industry जगत से अपील की कि वे बेहतर market access का लाभ उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि भारत में बिकने वाले उत्पादों की गुणवत्ता export किए जाने वाले उत्पादों के समान हो।

उन्होंने कहा कि पहले ऐसा समय था जब consumer ‘export quality’ उत्पाद मांगते थे। अब देश को दोहरी गुणवत्ता प्रणाली खत्म कर घरेलू और international बाजारों के लिए समान मानक अपनाने होंगे।



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