नई दिल्ली,
वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा के दौर में अमेरिका की पहल ‘पैक्स सिलिका’ को विशेषज्ञों ने नई रणनीतिक व्यवस्था बताया है, जिसमें सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज और कृत्रिम बुद्धिमत्ता अवसंरचना में सहयोग, तकनीकी संघर्ष की जगह ले सकता है। यह पहल देशों के बीच भरोसेमंद साझेदारी बनाकर भविष्य की तकनीक को सुरक्षित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत अब केवल इलेक्ट्रॉनिक्स का बड़ा उपभोक्ता नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर डिज़ाइन और निर्माण भागीदार बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। भारत में सेमीकंडक्टर डिज़ाइन प्रतिभा, बढ़ता निर्माण तथा पैकेजिंग तंत्र और विशाल घरेलू मांग इस दिशा में मजबूत आधार प्रदान करते हैं। आईईएसए और सेमी इंडिया के अध्यक्ष अशोक चंदक ने कहा कि भारत पूर्व और पश्चिम के बीच भरोसेमंद सेतु की भूमिका निभा सकता है, जिससे उभरते वैश्विक तकनीकी गठबंधन में उसकी केंद्रीय भूमिका तय हो सकती है।
डिजिटल संप्रभुता को मिलेगी सुरक्षा
पैक्स सिलिका भारत को सुरक्षित सेमीकंडक्टर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता अवसंरचना तक भरोसेमंद पहुंच उपलब्ध कराएगा। वर्तमान समय में रक्षा, दूरसंचार, परिवहन और आर्थिक विकास के लिए चिप आपूर्ति अत्यंत आवश्यक हो चुकी है। इस पहल से किसी एक देश पर निर्भरता कम होगी और आपूर्ति बाधित होने का खतरा घटेगा। अमेरिका के नेतृत्व वाली इस व्यवस्था में शुरुआती तौर पर वे देश शामिल किए जा रहे हैं जो सेमीकंडक्टर निर्माण और उन्नत तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े हैं, ताकि चीन पर निर्भरता कम की जा सके। इस पहल का उद्देश्य ऐसा लोकतांत्रिक और विविध तकनीकी तंत्र तैयार करना है जिसमें किसी एक भौगोलिक क्षेत्र की समस्या से पूरी दुनिया की चिप आपूर्ति प्रभावित न हो। विशेषज्ञों के अनुसार भविष्य की तकनीक भरोसेमंद साझेदारियों पर आधारित होगी और भारत अपनी प्रतिभा को तकनीकी तथा विनिर्माण नेतृत्व में बदल सकता है।
भारत ने एआई प्रभाव सम्मेलन में लिया ऐतिहासिक निर्णय
इंडिया एआई इम्पैक्ट सम्मेलन 2026 में भारत आधिकारिक रूप से पैक्स सिलिका गठबंधन में शामिल हुआ। इससे भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक तकनीकी सहयोग तथा आपूर्ति श्रृंखला साझेदारी को नई मजबूती मिली है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह केवल एक सम्मेलन नहीं बल्कि भविष्य निर्माण की प्रक्रिया है, जिससे नई पीढ़ी के लिए नए अवसर और नई नींव तैयार होगी। विशेषज्ञों के अनुसार पैक्स सिलिका भारत के लिए ‘सिलिकॉन शील्ड’ साबित होगा, जो देश की डिजिटल संप्रभुता की रक्षा करेगा और चिप आपूर्ति बाधित कर भारत की प्रगति रोकने की संभावना समाप्त करेगा। इससे उच्च मूल्य वाले लाखों नए रोजगार भी सृजित हो सकते हैं।

