मुंबई,
भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में जनवरी महीने के दौरान सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश में मजबूती देखने को मिली। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी में एसआईपी के माध्यम से कुल 31,000 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ। यह लगातार दूसरा महीना है जब एसआईपी निवेश 31,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक रहा। इससे पहले दिसंबर में यह आंकड़ा 31,002 करोड़ रुपये था। जनवरी 2025 में 26,400 करोड़ रुपये के मुकाबले इस वर्ष जनवरी में एसआईपी निवेश में 17 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।
आंकड़ों के अनुसार जनवरी में 74 लाख नए एसआईपी खाते खोले गए, जबकि इसी अवधि में 55 लाख खाते बंद भी हुए। इसके बावजूद देश में कुल एसआईपी खातों की संख्या बढ़कर 10.29 करोड़ हो गई, जो दिसंबर में 10.11 करोड़ थी। यह संकेत देता है कि निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और छोटे निवेशक भी नियमित निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां घटकर जनवरी में 16.36 लाख करोड़ रुपये रह गईं, जो दिसंबर में 16.63 लाख करोड़ रुपये थीं। यह गिरावट बाजार में कमजोरी के कारण मानी जा रही है। कुल म्यूचुअल फंड उद्योग की परिसंपत्तियों में एसआईपी की हिस्सेदारी 20.2 प्रतिशत रही, जो दर्शाता है कि दीर्घकालिक निवेश में एसआईपी की भूमिका मजबूत बनी हुई है।
सोने पर आधारित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में निवेश में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। जनवरी में गोल्ड ईटीएफ में निवेश बढ़कर 24,039.96 करोड़ रुपये हो गया, जो दिसंबर में 11,647 करोड़ रुपये था। इससे स्पष्ट है कि शेयर बाजार की अस्थिरता के बीच निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं। सक्रिय इक्विटी म्यूचुअल फंड में जनवरी के दौरान 24,029 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो दिसंबर के 28,054 करोड़ रुपये से लगभग 14 प्रतिशत कम है। हालांकि यह गिरावट दर्शाती है कि बाजार में उतार-चढ़ाव का असर पड़ा, फिर भी कुल मिलाकर निवेशकों का भरोसा म्यूचुअल फंड क्षेत्र में बना हुआ है। नवंबर में इक्विटी फंड में 29,911 करोड़ रुपये का निवेश आया था, जबकि अक्टूबर में यह 24,690 करोड़ रुपये था। जुलाई 2025 में इक्विटी फंड में सर्वाधिक 42,702 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया था।
जनवरी महीना समग्र रूप से म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए सकारात्मक रहा। इस दौरान शुद्ध निवेश 1.56 लाख करोड़ रुपये रहा, जो दिसंबर के 66,591 करोड़ रुपये की तुलना में काफी अधिक है। यह दर्शाता है कि निवेशक एक बार फिर म्यूचुअल फंड योजनाओं की ओर रुख कर रहे हैं। Stock Market Update के संदर्भ में बाजार की हालिया गिरावट के बावजूद नियमित निवेश योजनाओं में धन प्रवाह का मजबूत बने रहना यह संकेत देता है कि दीर्घकालिक निवेश की रणनीति को निवेशक महत्व दे रहे हैं।

