बिजनेस रेमेडीज़/नई दिल्ली। नई दिल्ली आधारित प्रमुख बायोटेक्नोलॉजी और टिशू कल्चर कंपनी शील बायोटेक लिमिटेड ने शेयर बाजारों को सूचित किया है कि कंपनी को नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नेफेड) से 12.95 करोड़ रुपये के अनुबंध मूल्य पर कोल्ड स्टोरेज सुविधा की डिज़ाइन, आपूर्ति, निर्माण, परीक्षण और चालू करने के लिए आशय पत्र सह कार्य आदेश प्राप्त हुआ है। यह कोल्ड स्टोरेज परियोजना महाराष्ट्र के नवी मुंबई जिले के वाशी में स्थापित की जाएगी।
कंपनी प्रबंधन के अनुसार, यह ऑर्डर शील बायोटेक की रणनीतिक विकास पहलों का हिस्सा है और इससे कंपनी की एग्री-इंफ्रास्ट्रक्चर एवं पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट क्षमताओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना कृषि आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने और भंडारण अवसंरचना के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कारोबारी गतिविधियां:
नवंबर 1991 में निगमित, शील बायोटेक लिमिटेड बायोटेक्नोलॉजी, टिशू कल्चर, फ्लोरीकल्चर, ग्रीनहाउस और ऑर्गेनिक परियोजनाओं के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी टिशू कल्चर और ऑर्गेनिक खेती के माध्यम से विभिन्न फसलों, फलों, सब्जियों और सजावटी पौधों के उच्च गुणवत्ता वाले, रोग-मुक्त प्लांटिंग मटेरियल का उत्पादन और आपूर्ति करती है। इसके साथ ही, कंपनी ग्रीनहाउस का निर्माण एवं रखरखाव करती है, किसानों को तकनीकी सेवाएं प्रदान करती है और एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करती है। शील बायोटेक सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों को लैंडस्केपिंग सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।
कंपनी के पास आईएसओ 9001:2015, 14001:2015 और 45001:2018 प्रमाणपत्र हैं, जो गुणवत्ता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और कार्यस्थल सुरक्षा के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। कंपनी की अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला को भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) से मान्यता प्राप्त है। मानेसर में कंपनी की अत्याधुनिक टिशू कल्चर लैब स्थापित है, जबकि उत्तर प्रदेश के पिलखुवा में लगभग 40 एकड़ क्षेत्रफल में प्लांट डेवलपमेंट का कार्य किया जा रहा है।
सेवाएं और उत्पाद:
टिशू कल्चर और हाइड्रोपोनिक्स तकनीकों के माध्यम से शील बायोटेक फल, पुष्प-कृषि, वानिकी और सजावटी पौधों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला प्लांटिंग मटेरियल विकसित करती है। कंपनी की आधुनिक टिशू कल्चर लैब में प्रतिवर्ष 1.5 करोड़ से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले प्लांटिंग मटेरियल का उत्पादन किया जाता है।
कंपनी हॉर्टिकल्चर परियोजनाओं के अंतर्गत ग्रीनहाउस, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इंटीग्रेटेड पैकहाउस और अन्य टर्नकी परियोजनाओं की डिज़ाइन और कार्यान्वयन करती है, जिनमें जलवायु नियंत्रण, स्वचालन, ड्रिप सिंचाई और फर्टिगेशन जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
इसके अलावा, शील बायोटेक किसानों को ऑर्गेनिक खेती अपनाने और प्रमाणन में सहायता प्रदान करती है, जो राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (NPOP) और सहभागी गारंटी प्रणाली (PGS) के अनुरूप होती है।
कंपनी एफपीओ प्रबंधन के तहत किसान उत्पादक संगठनों की स्थापना और संचालन में सहयोग करती है तथा प्रशिक्षण, कौशल विकास और बाजार संपर्क के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कार्य करती है। साथ ही, किसानों और कृषि उद्यमियों के लिए आधुनिक कृषि पद्धतियों पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम, सेमिनार, कार्यशालाएं और एक्सपोज़र विज़िट्स का आयोजन भी किया जाता है।

