Tuesday, June 30, 2026 |
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Union Budget में बड़े सुधार: कर राहत, निवेश प्रोत्साहन और आर्थिक मजबूती पर जोर

by Business Remedies
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Prime Minister Narendra Modi presenting Union Budget vision for Viksit Bharat

नई दिल्ली,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में पेश किए गए Union Budget ने केवल आय-व्यय का दस्तावेज बनने के बजाय व्यापक परिवर्तन और नीतिगत सुधारों का माध्यम बनकर देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। इन बजटों के जरिए उद्योग जगत, एमएसएमई, स्टार्टअप और आम नागरिकों के लिए कारोबार सुगमता बढ़ाने तथा क्रय शक्ति मजबूत करने पर लगातार जोर दिया गया है। वर्ष 2014-15 के पहले बजट में व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा को Rs.2लाख से बढ़ाकर Rs.2.5लाख किया गया था और वरिष्ठ नागरिकों के लिए इसे Rs.3लाख तक बढ़ाया गया। इसके साथ ही आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत निवेश सीमा को Rs.1लाख से बढ़ाकर Rs.1.5लाख कर दिया गया। इस कदम से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिली और बचत को प्रोत्साहन मिला। वैश्विक पूंजी को आकर्षित करने और आधारभूत संरचना को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से रक्षा और बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत कर दी गई। यह निर्णय देश में निवेश वातावरण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।

सरकार ने 100 स्मार्ट सिटी विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना भी घोषित की और इसके लिए शुरुआती तौर पर Rs.7060करोड़ आवंटित किए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से ग्रामीण संपर्क बढ़ाने तथा नए हवाई अड्डों के विकास और सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। अब Union Budget 2025-26 की बात करें तो सरकार ने सुधारों की गति को और तेज किया है। आयकर विधेयक 2025 के माध्यम से छह दशक पुराने प्रत्यक्ष कर ढांचे को बदलने की दिशा में ठोस पहल की गई है, ताकि निवेशकों का विश्वास, करदाताओं को राहत और प्रशासनिक दक्षता के बीच संतुलन बनाया जा सके।

कॉरपोरेट कर सुधारों के तहत उन कंपनियों के लिए 22 प्रतिशत की कर दर निर्धारित की गई जो विशेष छूट का दावा नहीं करतीं, जबकि नई विनिर्माण इकाइयों के लिए निर्धारित अवधि तक 15 प्रतिशत की रियायती दर दी गई। व्यक्तिगत कर व्यवस्था में नई कर प्रणाली के अंतर्गत उदार स्लैब, कम दरें और बढ़ी हुई रियायतें दी गईं। Rs.12लाख तक आय वाले व्यक्तियों को कर से छूट दी गई है। वेतनभोगी करदाताओं के लिए Rs.75000 की मानक कटौती के साथ प्रभावी सीमा Rs.12.75लाख हो जाती है। इससे बचत, उपभोग और उपलब्ध आय में वृद्धि की संभावना है। कृषि क्षेत्र में Rs.1.7करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का लाभ मिलने जा रहा है, जिसके तहत 100 कम उत्पादकता वाले जिलों को कवर किया जाएगा। दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन और किसान क्रेडिट कार्ड ऋण सीमा को Rs.5लाख तक बढ़ाने की घोषणा भी की गई है। क्रेडिट गारंटी सीमा को Rs.5करोड़ से बढ़ाकर Rs.10करोड़ कर दिया गया। राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन की शुरुआत की गई तथा सीमा शुल्क में बड़ी छूट देकर मेक इन इंडिया और रोजगार सृजन को बल दिया गया।

अनुसंधान एवं विकास के लिए Rs.20000करोड़, न्यूक्लियर एसएमआर मिशन के लिए Rs.20000करोड़, शिक्षा के लिए एआई उत्कृष्टता केंद्र हेतु Rs.500करोड़ तथा तकनीकी नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए 50000 अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने की घोषणा की गई। सरकार ने वित्तीय घाटा को FY26 में 4.4 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा है। बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा को 100 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। जन विश्वास 2.0 के माध्यम से अनेक कानूनों को अपराधमुक्त करने तथा कर और अनुपालन प्रणाली को सरल बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। इन पहलों से स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर सुधारों की निरंतर राह पर आगे बढ़ रही है।



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