नई दिल्ली,
Silver में पिछले 12 महीनों के दौरान 200 प्रतिशत से अधिक की असाधारण तेजी दर्ज की गई है, जिसने Gold की 80 प्रतिशत की बढ़त को काफी पीछे छोड़ दिया है। एक नई Report के अनुसार, Silver की इस तेज रैली के बाद निकट अवधि में Gold के पक्ष में माहौल बनता दिखाई दे रहा है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की Report में कहा गया है कि मौजूदा Gold–Silver अनुपात अब पीली धातु के पक्ष में संकेत दे रहा है। Silver की तेज बढ़त के कारण Gold–Silver अनुपात में उल्लेखनीय संकुचन आया है। यह अनुपात महामारी के दौरान 127 के उच्च स्तर से घटकर वर्ष 2026 की शुरुआत में लगभग 50 पर आ गया है।
Report के अनुसार, यह बदलाव संकेत देता है कि हालांकि कीमती धातुओं का दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन निकट अवधि में जोखिम और प्रतिफल का संतुलन अब Gold के पक्ष में झुक सकता है। Silver की तेज और आक्रामक तेजी के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना भी जताई गई है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख नवनीत दमानी और विश्लेषक मानव मोदी ने कहा कि दोनों धातुओं पर उनका रुख सकारात्मक बना हुआ है। Silver को औद्योगिक मांग और सीमित भौतिक आपूर्ति का समर्थन मिल रहा है, जिससे दीर्घकाल में इसकी संभावनाएं मजबूत हैं। हालांकि हालिया तेजी ने निकट अवधि में अस्थिरता बढ़ा दी है।
उन्होंने सुझाव दिया कि Silver की तेज बढ़त के इस चरण में निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में Gold का आवंटन बढ़ाना चाहिए, ताकि उतार-चढ़ाव को संतुलित किया जा सके और कीमती धातुओं में निवेश बना रहे। Report में कहा गया कि Silver में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया है, जबकि Gold ने अपेक्षाकृत अधिक स्थिरता दिखाई है। अनिश्चित बाजार परिस्थितियों में Gold को बेहतर बचाव विकल्प माना जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, Silver की कीमत में 200 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज हुई है और यह Rs.60000 से बढ़कर Rs.320000 तक पहुंच गया। इतनी तेज बढ़त के बाद ऊंचे स्तरों पर कुछ समय के लिए स्थिरता या बाजार प्रतिभागियों द्वारा संतुलन की प्रक्रिया देखने को मिल सकती है।
ब्रोकरेज ने स्पष्ट किया कि यह Silver के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण नहीं है, बल्कि तेज उछाल के बाद जोखिम प्रबंधन के तहत निवेश पुनर्संतुलन की रणनीति है। वैश्विक स्तर पर Silver ETF में वर्ष 2026 के दौरान 3 मिलियन औंस से अधिक की निकासी दर्ज की गई, जबकि Gold ETF में तुलनात्मक रूप से स्थिर निवेश प्रवाह बना रहा। Report में कहा गया कि अमेरिका और चीन में मुद्रा आपूर्ति बढ़ रही है। चीन की मुद्रा आपूर्ति में वर्ष दर वर्ष आधार पर 8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। ऐतिहासिक रूप से ऐसी परिस्थितियों में Gold जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ती है।

