Friday, February 20, 2026 |
Home » प्रधानमंत्री मोदी की ओमान यात्रा से व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

प्रधानमंत्री मोदी की ओमान यात्रा से व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

by Business Remedies
0 comments

जॉर्डन के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओमान यात्रा भी भविष्य में दोनों देशों के बीच संबंध और अधिक मजबूत करेंगे। इस यात्रा के दौरान भारत और ओमान ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगा। इस यात्रा से ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में व्यापार को नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है, जब दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के माध्यम से अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस यात्रा से कई क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खुलेंगे। ओमान की कम ऊर्जा लागत और भारत का मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम एक-दूसरे के पूरक हैं। भारत में मैन्युफैक्चरिंग से लेकर कुशल मानव संसाधन तक की उपलब्धता है, जो ओमान के लिए एक चुनौती है। जबकि ओमान यूएई सहित पूरे क्षेत्र को जोडऩे वाले एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक केंद्र के रूप में उभर सकता है। जहां एक ओर भारतीय समुदाय दशकों से ओमान के विकास में योगदान दे रहा है और इस देश की अर्थव्यवस्था व समाज में उसके योगदान के लिए उसे सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। व्यापार समझौतों के जरिए वाणिज्यिक संबंधों के विस्तार के साथ-साथ दोनों देशों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक रिश्ते भी और प्रगाढ़ होंगे। दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात शुल्क में कमी आएगी,व्यापारिक गतिविधियों को आसान बनाने के लिए नियमों में ढील और ओमान में भारतीय निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान भी किए जाएंगे। भारत और ओमान के बीच संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। समुद्री संपर्क, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामाजिक संबंध सदियों से दोनों देशों को एक-दूसरे से जोड़ते आए हैं। आने वाले समय में भारत-ओमान के बीच हुए समझौते से आर्थिक रूप से कई फायदे होने वाले हैं।



You may also like

Leave a Comment