हर वर्ष की भांति विश्व निमोनिया दिवस आज मनाया जाएगा। यह वैश्विक कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य निमोनिया रोग से निपटने के लिए लोगों में जागरूकता फैलाना और उन्हें शिक्षित करना है। यह पहली बार वर्ष, 2009 में शुरू हुआ था ताकि इस बीमारी के वैश्विक प्रभाव को सामने लाया जा सके। निमोनिया दुनिया में वयस्कों और बच्चों की सबसे बड़ी संक्रामक बीमारी है और दुनिया भर में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की अधिकांश मौतों के लिए जिम्मेदार है। यह दिवस मुख्य रूप से निम्न और मध्यम आय वाले देशों में निमोनिया और अन्य श्वसन संक्रमणों से होने वाली मौतों से निपटने के लिए वैश्विक कार्रवाई के लिए पर्याप्त अवसर पैदा करने और प्रोत्साहित करने पर भी केंद्रित है। यह दिन निमोनिया के खतरनाक प्रभाव और रोकथाम के तरीकों के बारे में जागरूकता फैलाता है। यह टीकाकरण, शीघ्र निदान और उचित उपचार के महत्व पर जोर देता है, जो निमोनिया से होने वाली मौतों को कम करने में मदद कर सकता है। यह निम्न और मध्यम आय वाले देशों में निमोनिया से लडऩे के लिए वैश्विक कार्रवाई और संसाधनों को बढ़ावा देता है। यह छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों जैसे जोखिम वाले समूहों की सुरक्षा पर फोकस करता है। इसकी शुरुआत निमोनिया पर वैश्विक ध्यान आकर्षित करने के लिए की गई थी, जो एक घातक और अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली बीमारी है। समय के साथ-साथ यह दिन निमोनिया से लडऩे की चल रही चुनौतियों और निवारक उपायों को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित होता गया है। यह दिवस विभिन्न सार्वजनिक और निजी संगठनों को अपने स्तर पर अभियान चलाने और निवारक उपाय करने, सुविधाएं प्रदान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित करता है कि कोई भी टीकाकरण से वंचित ना रहे।

