शारदीय नवरात्र में छोटीकाशी, जयपुर में सैंकड़ों स्थानों पर मां दुर्गा की आराधना की जाएगी। सुबह हवन-महाआरती और शाम को जागरण आयोजित होंगे। मातारानी के समक्ष डांडिया नृत्य का भी आयोजन होगा।
इसी कड़ी में मुरलीपुरा के गणपति पैराडाइज में गुरुवार को अग्रणी पूजा महोत्सव संघ ने खूंटी पूजा के साथ दुर्गा उत्सव की शुरुआत की और पंडाल निर्माण का शुभारंभ किया। इस बार दुर्गा महोत्सव पर्यावरण संरक्षण को समर्पित होगा।
मुख्य विशेषताएँ:
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मुख्य अतिथि राहुल द्विवेदी (सनातन बोर्ड संघर्ष समिति राजस्थान) ने खूंटी पूजन कर मातारानी की आराधना की।
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पर्यावरण संरक्षण के लिए मां दुर्गा को फूलों या माला की बजाय पौधे अर्पित किए जाएंगे।
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पंडाल पूरा होने पर इसे 5000 पौधों से सजाया जाएगा।
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पौधों को बाद में भक्तों को तरु प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा।
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इस साल की पूजा में एक अद्वितीय दुर्गा प्रतिमा का निर्माण किया गया है, जिसे पत्तियों से सजाया गया है।
अग्रणी पूजा महोत्सव संघ के अध्यक्ष देव चक्रवर्ती के अनुसार, यह पांच दिवसीय महोत्सव बंगाली संस्कृति की समृद्धि का प्रदर्शन करेगा।

