बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली (आईएएनएस)। बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत के इंजीनियरिंग निर्यात 1995 में 10 मिलियन डॉलर थे, जो आज बढक़र 116 अरब डॉलर तक पहुंच गए हैं। आने वाले समय में यह क्षेत्र और भी बड़े लक्ष्य और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा। ईईपीसी इंडिया के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत की ताकत व्यापार और एमएसएमई क्षेत्र में है, जो देश के व्यवसायों की रीढ़ हैं। भारत में हर संकट से उबरने की क्षमता है। उन्होंने विश्वास जताया कि “जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट” के मंत्र के साथ भारत और आगे बढ़ेगा।
मंत्री गोयल ने कहा कि ज़रूरी है कि भारत में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाए जाएं और उन्हें पूरी दुनिया में बेचा जाए। आज दुनिया भारत को एक भरोसेमंद साझेदार मानती है और इस विश्वास को बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। पीयूष गोयल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत शीर्ष पाँच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है। पिछले चार वर्षों से भारत सबसे तेज़ी से बढऩे वाली अर्थव्यवस्था रहा है। पिछली तिमाही में भारत ने 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि हासिल की, जिसे उन्होंने विश्व रिकॉर्ड बताया। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में कटौती और सरलता से प्रधानमंत्री मोदी ने घरेलू मांग को बढ़ावा दिया है।
इसके चलते रोजगार के नए अवसर और आय में वृद्धि होगी। मंत्री ने कहा कि जब बुनियादी ढाँचे पर खर्च और उपभोक्ता मांग बढ़ेगी, तो दुनिया की कोई ताकत भारत को विश्व शक्ति बनने से रोक नहीं सकती।गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक लाभ समान रूप से सभी तक पहुँचना चाहिए। जीएसटी दरों में कटौती का फायदा उपभोक्ताओं तक पूरी तरह पहुँचना चाहिए, ताकि विकास हर नागरिक तक पहुंचे और भारत की अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत हो।
मंत्री ने कहा कि जब भारत एक परिवार की तरह साथ मिलकर काम करेगा और हर क्षेत्र में एक-दूसरे को सहयोग देगा, तो समावेशी विकास अपने आप सुनिश्चित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत टिकाऊ और समावेशी विकास का वैश्विक आदर्श बन सकता है।

