बैंकॉक, थाईलैंड | 22 जुलाई 2025 |आज बैंकॉक की धरती पर एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी क्षण साक्षी बना, जब Save Earth Mission द्वारा “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को समर्पित एक भव्य अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक सभा नहीं, बल्कि एक वैश्विक चेतना का प्रतीक था, जिसमें थाईलैंड समेत कई अन्य देशों से जुड़े पर्यावरण सेवकों ने भाग लिया।
इस आयोजन का उद्देश्य था — आगामी अगस्त 2025 में प्रस्तावित विश्व की सबसे बड़ी सामूहिक वृक्षारोपण मुहिम की योजना और तैयारियों को गति देना। कार्यक्रम में उपस्थित सभी स्वयंसेवकों ने एकमत से साझा किया कि “हम सभी पृथ्वी माता की रक्षा के लिए एक हैं”, और वृक्षारोपण केवल एक क्रिया नहीं, बल्कि एक संस्कार और उत्तरदायित्व है।
इस अभियान की रणनीतिक योजना में डॉ. अजय देसाई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक रही। उन्होंने तकनीकी एकीकरण, भू-टैगिंग प्रक्रिया, और पर्यावरणीय मूल्यांकन के वैश्विक मानकों पर विस्तार से चर्चा की, जिससे यह आयोजन और भी सशक्त और प्रभावी बन सका।
Save Earth Mission के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संदीप चौधरी ने बैंकॉक आयोजन की भूरी-भूरी सराहना करते हुए कहा:
> “आज थाईलैंड में जो एकजुटता और समर्पण हमने देखा, वह इस बात का संकेत है कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अब सिर्फ भारत नहीं, बल्कि पूरे विश्व का भावनात्मक आंदोलन बन चुका है। यह अभियान मानवता की आत्मा से जुड़ा है।”
Save Earth Mission की यह अंतरराष्ट्रीय गतिविधि इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि पर्यावरण संरक्षण कोई सीमा में बंधा विषय नहीं, बल्कि एक साझा ज़िम्मेदारी है, जो जाति, धर्म, देश और भाषा से ऊपर उठकर हमें जोड़ती है।
बैंकॉक आयोजन में Clean Climate App, डिजिटल ट्री टैगिंग, और ग्लोबल कार्बन क्रेडिट प्लेटफॉर्म पर कार्यशालाएं भी आयोजित की गईं, जिसमें सैकड़ों युवा स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
जैसे-जैसे अगस्त का महीना निकट आ रहा है, वैसे-वैसे “एक पेड़ माँ के नाम” का यह संकल्प पूरे विश्व में फैलता जा रहा है — और बैंकॉक का यह आयोजन निश्चित रूप से उस हरियाली क्रांति की वैश्विक दस्तक बन गया है।




