* श्रेणी: थीमैटिक – सेवाएं
* बेंचमार्क: निफ्टी सर्विसेज सेक्टर टीआरआई
* एनएफओ अवधि: 4 जुलाई – 18 जुलाई, 2025
* फंड मैनेजर: श्री श्रेयश देवळकर, श्री सचिन रेळेकर और सुश्री कृष्णा नारायण
* न्यूनतम आवेदन राशि: ₹100 और उसके बाद ₹1/- के गुणकों में
* एग्जिट लोड: यदि आवंटन तिथि से 12 महीनों के भीतर रिडीम/स्विच-आउट किया जाता है: 10% निवेश के लिए: शून्य, शेष निवेश के लिए: 1%। यदि आवंटन तिथि से 12 महीने बाद रिडीम/स्विच-आउट किया जाता है: शून्य
मुंबई, 3 जुलाई 2025: भारत की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक, एक्सिस म्यूचुअल फंड ने आज अपनी नई थीमैटिक पेशकश – एक्सिस सर्विसेज ऑपर्च्युनिटीज फंड (Axis Services Opportunities Fund) को लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो सेवाक्षेत्र थीम पर आधारित है। इस फंड का नया फंड ऑफर (NFO) 4 जुलाई 2025 से खुलकर 18 जुलाई 2025 तक निवेश के लिए उपलब्ध रहेगा।
एक्सिस सर्विसेज ऑपर्च्युनिटीज फंड का उद्देश्य निवेशकों को उन कंपनियों के चुनींदा पोर्टफोलियो तक पहुंच प्रदान करना है, जो भारत की सेवाक्षेत्र आधारित आर्थिक बदलाव की अगुवाई कर रही हैं। यह फंड ऐसे व्यवसायों में निवेश करेगा जो स्केलेबल, कैपिटल-एफिशिएंट और प्रतिस्पर्धात्मक रूप से मजबूत हैं, और जिनकी मुख्य आय सेवाओं पर आधारित होती है।
इस फंड का प्रबंधन श्री श्रेयश देवळकर (हेड – इक्विटी), श्री सचिन रेळेकर (सीनियर फंड मैनेजर) और सुश्री कृष्णा नारायण (विदेशी निवेश के लिए) द्वारा किया जाएगा।
एक्सिस एएमसी के एमडी और सीईओ श्री बी. गोपकुमार ने कहा: “भारत का भविष्य अब सेवाक्षेत्र-आधारित विकास की ओर बढ़ रहा है, और इस सेगमेंट के लिए जो संरचनात्मक सहायक कारक हैं, वे गहरे और टिकाऊ हैं। एक्सिस सर्विसेज ऑपर्च्युनिटीज फंड के माध्यम से हम निवेशकों को एक ऐसा सक्रिय रूप से प्रबंधित निवेश विकल्प प्रदान कर रहे हैं, जो इस दीर्घकालिक परिवर्तन से लाभ उठाने के लिए तैयार है। बैंकिंग जैसे पारंपरिक क्षेत्रों से लेकर ई-कॉमर्स, फिनटेक और हेल्थकेयर जैसे उभरते मॉडल तक, यह फंड भारत की सेवाक्षेत्र गाथा के सर्वश्रेष्ठ अवसरों को सामने लाने का प्रयास करता है। यह हमारी दीर्घकालिक निवेश सोच के अनुरूप है — ऐसे गुणवत्ता वाले, पूंजी-कुशल व्यवसायों की पहचान करना जो समय के उतार-चढ़ाव में भी टिके रहें और बेहतर रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न प्रदान करें।”
भारत की सेवा अर्थव्यवस्था: विकास का प्रमुख इंजन
वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की GDP में 55% योगदान और देश के 41% रोज़गार का आधार बनने वाला सेवाक्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा स्तंभ है। बैंकिंग और बीमा से लेकर IT सेवाओं, ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक – इस क्षेत्र ने बीते वर्षों में तेजी से औपचारिकरण और डिजिटल बदलाव देखा है, जिसने उपभोक्ता अनुभव और व्यवसाय मॉडल दोनों को नई दिशा दी है।
सरकार की नीतिगत प्रोत्साहन, तेज़ी से हो रहे शहरीकरण, बढ़ती आय और डिजिटल पहुँच के साथ, भारत की सेवाक्षेत्र आधारित अर्थव्यवस्था का 2047 और उससे आगे तक GDP में अग्रणी भूमिका और रोज़गार सृजन में अहम योगदान बनाए रखने की उम्मीद है। बीते वर्षों में टेलीकॉम, हेल्थकेयर, क्विक कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में लाभ में तेज़ बढ़ोतरी देखी गई है, जबकि फिनटेक, मीडिया और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहे हैं।
क्या है एक्सिस सर्विसेज ऑपरच्युनिटीज फंड
एक्सिस सर्विसेज ऑपरच्युनिटीज फंड को भारत की अर्थव्यवस्था में हो रहे संरचनात्मक बदलाव को भुनाने के उद्देश्य से पेश किया गया है। यह फंड अपनी कुल संपत्ति का कम से कम 80% निवेश उन कंपनियों के इक्विटी शेयरों में करेगा जो सेवाक्षेत्र थीम का हिस्सा हैं — जैसा कि NIFTY Services Sector Index द्वारा परिभाषित 48 उद्योगों में दर्शाया गया है। इनमें वित्तीय सेवाएँ, आईटी, टेलीकॉम, पावर, ई-कॉमर्स, ट्रांसपोर्ट, हेल्थकेयर सेवाएँ, फिनटेक, एंटरटेनमेंट आदि शामिल हैं।
यह फंड उच्च सक्रिय हिस्सेदारी बनाए रखते हुए बॉटम-अप स्टॉक चयन रणनीति अपनाएगा। निवेश रणनीति का फोकस उन क्वालिटी बिज़नेस की पहचान पर रहेगा जिनकी कमाई स्थिर हो, ROCE (Return on Capital Employed) मजबूत हो, और जो दीर्घकाल में स्थायी रूप से स्केल कर सकें।
एक्सिस एएमसी के सीआईओ श्री आशीष गुप्ता ने कहा: “जैसे-जैसे सेवाक्षेत्र भारत की आर्थिक वृद्धि का केंद्रबिंदु बनता जा रहा है, हमारा लक्ष्य एक्सिस सर्विसेज ऑपरच्युनिटीज फंड के माध्यम से ऐसे व्यवसायों की पहचान करना है जो न सिर्फ बड़े पैमाने पर कार्य कर रहे हों, बल्कि दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त और कुशल पूंजी आवंटन भी दिखाते हों। हमारा मानना है कि एक अनुशासित, बॉटम-अप स्टॉक चयन प्रक्रिया — जो क्वालिटी अर्निंग्स और मजबूत रिटर्न रेशियो पर केंद्रित हो — हमें इस विविध और विकसित होते सेक्टर में मौजूद बारीक निवेश अवसरों को पहचानने में सक्षम बनाएगी। हमारा उद्देश्य इस फंड के माध्यम से सेवा उद्योगों की पूरी श्रृंखला में निवेश कर स्थिर और रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न देना है, जो सेवाक्षेत्र-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर हो रहे दीर्घकालिक बदलाव में हमारी गहरी आस्था को दर्शाता है।”
अभी निवेश क्यों करें?
इस फंड की लॉन्चिंग ऐसे समय में हो रही है, जब सेवाक्षेत्र में गुणवत्ता वाले व्यवसाय अधिक आकर्षक होते जा रहे हैं। बेहतर ROE (रिटर्न ऑन इक्विटी) और ROCE (रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड) के साथ, इस क्षेत्र में कंपनियों की लाभप्रदता में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। FY24 में NSE 500 की कुल PAT (लाभ) हिस्सेदारी में सेवाक्षेत्र का योगदान बढ़कर 53% हो गया है, जो इस परिवर्तन को दर्शाता है।
इसके बावजूद, कई चयनित क्षेत्रों में वैल्यूएशन अब भी आकर्षक और संतुलित हैं, जिससे निवेशकों को उचित मूल्य पर विकास का अवसर मिलता है। साथ ही, विभिन्न सेक्टरों के प्रदर्शन में असमानता भी बढ़ी है — जैसे कि फाइनेंशियल्स और IT अकसर विपरीत ट्रेंड दिखाते हैं — जिसे सक्रिय रूप से प्रबंधित किया जाए तो रिटर्न की संभावनाएं बेहतर होती हैं और पोर्टफोलियो रिस्क कम होता है।
एक्सिस सर्विसेज ऑपरच्युनिटीज फंड का विविधीकृत सेवाक्षेत्र फोकस इन सभी मौजूदा बाज़ार गतिशीलताओं का लाभ उठाने के लिए तैयार किया गया है।
यह फंड एक्सिस एएमसी की अन्य थीमैटिक पेशकशों — जैसे एक्सिस कंजम्पशन फंड और एक्सिस इंडिया मैन्युफैक्चरिंग फंड— का पूरक है। ये तीनों फंड मिलकर भारत की अर्थव्यवस्था के तीन प्रमुख स्तंभों को कवर करते हैं और निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को देश की दीर्घकालिक संरचनात्मक विकास गाथा के अनुरूप संरेखित करने का एक सशक्त अवसर प्रदान करते हैं।

