नई दिल्ली। नई दिल्ली आधारित स्टील क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख कंपनी विभोर स्टील लिमिटेड ने 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही और वार्षिक वित्तीय परिणाम प्रस्तुत किए हैं। कंपनी की वार्षिक बिक्री और लाभ में गिरावट दर्ज की गई है।
31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान तिमाही में अर्जित 291.88 करोड़ रुपए के मुकाबले 289.35 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान तिमाही में अर्जित 4.88 करोड़ रुपए के मुकाबले 4.43 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 1074.37 करोड़ रुपए के मुकाबले 998.26 करोड़ रुपए का कुल राजस्व अर्जित किया है। उक्त वित्तीय वर्ष में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 17.71 करोड़ रुपए के मुकाबले 11.77 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 6.21 रुपए का ईपीएस अर्जित किया है।
कंपनी की बोर्ड मीटिंग में सुंदरगढ़ (ओडिशा) संयंत्र के लिए 60 करोड़ रुपए की अतिरिक्त पूंजीगत व्यय लागत को मंजूरी दी गई। तदनुसार, परियोजना परिव्यय 60 करोड़ रुपए से बढक़र 120 करोड़ रुपए हो गया है और वार्षिक क्षमता 120,000 मीट्रिक टन से बढक़र 1,56,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष हो जाएगी। अतिरिक्त परियोजना लागत को बाहरी ऋण वित्तपोषण के माध्यम से वित्त पोषित किया जाएगा।
कारोबारी गतिविधियां: 2003 में स्थापित, विभोर स्टील ट्यूब्स लिमिटेड देश में विभिन्न हैवी इंजीनियरिंग उद्योगों के लिए स्टील पाइप और ट्यूब का निर्माण, निर्यात और आपूर्ति करती है। फरवरी, 2024 में कंपनी का आईपीओ बीएसई और एनएसई मैनबोर्ड पर आया था। कंपनी के आईपीओ को निवेशकों की ओर से काफी अच्छा समर्थन हासिल हुआ था और आईपीओ को 320 गुना अभिदान हासिल हुआ था। कंपनी ने भी आईपीओ प्राइस 151 रुपए के मुकाबले निवेशकों को काफी अच्छा रिटर्न देते हुए 446 तक के स्तर छुए थे। वर्तमान में कंपनी का शेयर करीब 157.91 रुपए पर कारोबार कर रहा है।

