Tuesday, July 14, 2026 |
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‘हाई-फ्रीक्वेंसी इकोनॉमिक बैरोमीटर’ से छोटे कारोबारियों को मिलेगी नई ताकत, अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार : CAIT

by Business Remedies
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CAIT ने ‘High-Frequency Economic Barometer’ लॉन्च करने के फैसले का किया स्वागत, छोटे व्यापारियों और MSME को मिलेगा बड़ा लाभ

नई दिल्ली | बिजनेस रेमेडीज | अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ Confederation of All India Traders (CAIT) ने केंद्र सरकार द्वारा 14 जुलाई को High-Frequency Economic Barometer लॉन्च करने के फैसले का स्वागत किया है। CAIT का कहना है कि यह पहल छोटे व्यापारियों, खुदरा कारोबारियों, MSME और उद्यमियों को मजबूत बनाएगी तथा भारत की आर्थिक विकास यात्रा को नई गति देगी। CAIT ने इसे प्रधानमंत्री Narendra Modi के दूरदर्शी नेतृत्व में आर्थिक शासन को अधिक आधुनिक, गतिशील और डेटा आधारित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम बताया।

High-Frequency Economic Barometer देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति का लगभग वास्तविक समय में आकलन करेगा। इसके लिए GST संग्रह, UPI लेनदेन, E-Way Bill, माल ढुलाई, बिजली खपत, बैंकिंग गतिविधियां, Digital Commerce और अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों को एक साथ जोड़ा जाएगा। इससे सरकार को तेजी और अधिक सटीकता के साथ नीतियां बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही उभरती आर्थिक चुनौतियों की समय रहते पहचान कर आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।

CAIT के महासचिव और सांसद Praveen Khandelwal ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Digital India, GST, UPI और तकनीक आधारित सुशासन जैसी पहलों के जरिए आर्थिक पारदर्शिता और दक्षता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। High-Frequency Economic Barometer इस परिवर्तनकारी यात्रा का अगला महत्वपूर्ण अध्याय है, जो भारत को दुनिया की सबसे उन्नत और डेटा आधारित अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।

Praveen Khandelwal ने कहा कि इस पहल का सबसे अधिक लाभ देश के छोटे व्यापारी, रिटेल कारोबारी, MSME और उद्यमियों को मिलेगा। आर्थिक रुझानों, उपभोक्ताओं के व्यवहार और बाजार की मांग की समय पर जानकारी मिलने से कारोबारी बेहतर फैसले ले सकेंगे और उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं, महंगाई के दबाव और भू-राजनीतिक चुनौतियों के दौर में यह बैरोमीटर एक प्रभावी Early Warning System की तरह काम करेगा। इससे सरकार समय रहते सुधारात्मक कदम उठा सकेगी।

CAIT के अनुसार, यह पहल भारत की आर्थिक नीति निर्माण प्रणाली में एक नए दौर की शुरुआत करेगी। इससे आर्थिक पूर्वानुमान अधिक सटीक होंगे, निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा, कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और ‘Viksit Bharat’ के लक्ष्य को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।



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