New Delhi | बिजनेस रेमेडीज | हाल के वर्षों में लागू किए गए Tax सुधार और कई नीतिगत उपायों ने India में Equity निवेश को और आकर्षक बना दिया है। इससे पिछले दो वर्षों में रिटर्न अपेक्षाकृत कम रहने के बावजूद, शेयर बाजार में घरेलू निवेश का प्रवाह लगातार बना रहने के लिए अनुकूल स्थितियां तैयार हुई हैं। यह जानकारी JPMorgan की एक रिपोर्ट में दी गई। JPMorgan ने कहा कि Long-Term Capital Gains, Debt Mutual Funds और Insurance Products पर Tax से जुड़े हालिया बदलावों ने Equity को और अधिक आकर्षक बना दिया है, जिससे भारतीय परिवारों की बचत का वित्तीय संपत्तियों की ओर झुकाव और बढ़ा है।
JPMorgan ने बताया कि Equity पर अभी 12.5 प्रतिशत Long-Term Capital Gains Tax लगता है, जबकि Indexation Benefits को हटाने, कुछ Insurance Policies से मिलने वाली रकम पर Tax और Debt Mutual Funds के लिए Slab Rate Tax जैसे Policy बदलावों ने Equity निवेश के पक्ष में समीकरण को बदल दिया है। वैश्विक निवेश बैंक का कहना है कि Tax और Regulatory नियमों में बदलाव के साथ-साथ Systematic Investment Plan (SIP) के जरिए बढ़ती भागीदारी से Equity Market में घरेलू पैसे का लगातार प्रवाह बना रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 और 2026 के दौरान Foreign Portfolio Investors (FPI) ने भारतीय Equity में अपना निवेश कम किया, फिर भी घरेलू निवेशक डटे रहे। इस दौरान Benchmark Index से भले ही मामूली रिटर्न मिला, लेकिन Retail Investors ने SIP के जरिए निवेश जारी रखा। इससे पता चलता है कि यह निवेश के तौर-तरीकों में आया एक बुनियादी बदलाव है, न कि बाजार में थोड़े समय के उतार-चढ़ाव पर दी गई कोई प्रतिक्रिया।
JPMorgan ने कहा कि घरेलू निवेशकों की लगातार भागीदारी भारतीय Equity के लिए स्थिरता लाने वाली एक अहम ताकत बनकर उभरी है। इससे विदेशी फंड की निकासी और Global स्तर पर जोखिम से बचने के दौर में आने वाले उतार-चढ़ाव को कम करने में मदद मिली है। इसके अलावा, JPMorgan ने India के IT Sector को लेकर सावधानी भरा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि इस इंडस्ट्री को लंबे समय तक धीमी ग्रोथ का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि Artificial Intelligence (AI) से आए बदलाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता का असर मांग पर पड़ रहा है। JPMorgan का कहना है कि Technology और Business Cycle से जुड़ी चुनौतियों के अभूतपूर्व मेल के कारण इस सेक्टर में Demand को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

