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Budget 2026-27 में राज्यों को Rs.1.4 लाख करोड़ का वित्त आयोग अनुदान

by Business Remedies
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Finance Minister Presenting Budget 2026-27 In Parliament

नई दिल्ली,

केंद्र सरकार ने Budget 2026-27 में राज्यों के लिए वित्त आयोग अनुदान के तहत Rs.1.4 लाख करोड़ का प्रावधान किया है। यह राशि करों के बंटवारे में 41 प्रतिशत हिस्सेदारी के आधार पर निर्धारित की गई है। संसद में Budget पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने आयोग की उस सिफारिश को स्वीकार कर लिया है, जिसमें ऊर्ध्वाधर बंटवारे की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत बनाए रखने की बात कही गई थी। वित्त मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को Rs.1.4 लाख करोड़ वित्त आयोग अनुदान के रूप में दिए जाएंगे। इसमें ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों के लिए अनुदान तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित सहायता भी शामिल है। उन्होंने कहा कि आयोग ने अपनी रिपोर्ट 17 नवंबर 2025 को राष्ट्रपति को सौंप दी थी और संविधान के अनुच्छेद 281 के तहत सरकार इस रिपोर्ट तथा उस पर की गई कार्रवाई का विवरण संसद में प्रस्तुत करेगी।

सरकार ने Budget में राजकोषीय अनुशासन और मौद्रिक स्थिरता पर विशेष जोर दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार सार्वजनिक निवेश को मजबूत बनाए रखते हुए वित्तीय संतुलन कायम रखने के मार्ग पर आगे बढ़ रही है। वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इससे पहले Budget 2025-26 में इसे 4.4 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे पूरा किया गया है। अब इसे और घटाकर 4.3 प्रतिशत करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य आर्थिक गति को बनाए रखने और सार्वजनिक वित्त को स्थिर रखने के बीच संतुलन को दर्शाता है। सरकार का मानना है कि नियंत्रित घाटा और मजबूत निवेश नीति से दीर्घकालीन आर्थिक विकास को बल मिलेगा।

Budget 2026-27 में पूंजीगत व्यय के लिए Rs.12.2 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह राशि बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निर्धारित की गई है। सरकार ने घोषणा की है कि बड़े परियोजनाओं के विकास को तेज करने के लिए एक अवसंरचना जोखिम विकास कोष की स्थापना की जाएगी। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि आर्थिक विकास को गति देने के लिए सड़कों, बंदरगाहों, रेलवे और विद्युत परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उनका कहना था कि मजबूत बुनियादी ढांचा ही दीर्घकालीन विकास और निवेश आकर्षण की आधारशिला है।



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