बिजनेस रेमेडीज/मुंबई (आईएएनएस)। सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) में किए गए बदलाव से शेयर बाजार में लंबी अवधि के निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और बाजार की लिक्विडिटी भी मजबूत होगी। यह बात बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सुंदरारमन राममूर्ति ने रविवार को कही।
राममूर्ति ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट भारत को एक भविष्य-केंद्रित निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने कहा कि एसटीटी में संशोधन से पूंजी बाजार अधिक गहरे, संतुलित और स्थिर होंगे, जो देश की दीर्घकालिक आर्थिक प्राथमिकताओं के अनुरूप है।
उन्होंने आगे कहा कि बजट ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक और मजबूत प्रयास है, जिसमें पूंजी निर्माण, राजकोषीय अनुशासन और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही विनिर्माण, सेवाएं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) जैसे प्रमुख विकास स्तंभों को भी मजबूती देने का स्पष्ट रोडमैप नजर आता है।
राममूर्ति ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित ₹12 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय को लेकर कहा कि इससे न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी, बल्कि रोजगार सृजन और निजी निवेश को भी नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट भारत की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।

