Friday, March 13, 2026 |
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Nifty 23,200 के नीचे बंद, Sensex में 1,380 अंकों की गिरावट, बिकवाली के दबाव में बाजार

by Business Remedies
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Sensex and Nifty underperform amid stock market decline

शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे दिन के अंत में प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। लगातार दूसरे सत्र में निवेशकों की कमजोर धारणा के कारण बाजार दबाव में रहा। कारोबार के अंत में Sensex 1,380 अंकों की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि Nifty फिसलकर 23,200 के स्तर से नीचे पहुंच गया। दिनभर के कारोबार में ज्यादातर क्षेत्रों में गिरावट रही, जिससे पूरे बाजार का रुख नकारात्मक बना रहा। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और कुछ क्षेत्रों में मुनाफावसूली के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

प्रमुख शेयरों में भारी गिरावट

आज के कारोबार में कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। हिन्दाल्को, लार्सन एंड टुब्रो, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे प्रमुख शेयर Nifty में सबसे अधिक गिरने वालों में शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के कारण सूचकांक पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिला। विश्लेषकों के अनुसार धातु, पूंजीगत सामान और वाहन क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों में मुनाफावसूली के कारण गिरावट तेज हुई।

कुछ चुनिंदा शेयरों में दिखी मजबूती

हालांकि पूरे बाजार में दबाव के बीच कुछ कंपनियों के शेयरों में मजबूती भी देखी गई। टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, ट्रेंट, भारती एयरटेल और नेस्ले इंडिया जैसे शेयरों ने बढ़त दर्ज की और बाजार को आंशिक सहारा दिया। उपभोक्ता उत्पाद और दूरसंचार क्षेत्र से जुड़े इन शेयरों में निवेशकों की खरीदारी देखने को मिली। आज के कारोबार में लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों के सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। विशेष रूप से तेल एवं गैस, वाहन, बैंकिंग, रियल एस्टेट, धातु, मीडिया और दवा क्षेत्र में 1 से 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। धातु और बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में आई कमजोरी ने बाजार के समग्र प्रदर्शन को प्रभावित किया। निवेशकों की सतर्कता के कारण व्यापक स्तर पर बिकवाली का माहौल बना रहा।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव

केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे व्यापक बाजार में कमजोरी और बढ़ गई। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में तेजी के बाद इन वर्गों में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और निवेशकों की सतर्क रणनीति के कारण बाजार में दबाव बना हुआ है। निवेशक फिलहाल बड़े निवेश से बचते हुए बाजार की दिशा स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले सत्रों में वैश्विक संकेतों, कंपनियों के प्रदर्शन और आर्थिक आंकड़ों के आधार पर बाजार की दिशा तय होने की संभावना है।



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