जयपुर। Jaipur आधारित बायोफ्यूल्स क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख कंपनी Shubhashree Biofuels Energy Limited ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही और नौमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया है।
Shubhashree Biofuels Energy Limited ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया, जिसमें राजस्व वृद्धि में उल्लेखनीय तेजी और विनिर्माण इकाई के विस्तार में महत्वपूर्ण प्रगति शामिल है। कंपनी एक विशुद्ध निर्माता से एकीकृत संपूर्ण हरित ऊर्जा समाधान प्रदाता बनने की अपनी रणनीति को सफलतापूर्वक क्रियान्वित कर रही है।
वित्तीय मुख्य बिंदु: मजबूत विकास पथ
तीसरी तिमाही का मजबूत प्रदर्शन: वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में परिचालन से राजस्व 53.93 करोड़ रुपए रहा (अलेखापरीक्षित), जो क्रमिक वृद्धि को दर्शाता है। वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों का संचयी राजस्व 149.96 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। महज 9 महीनों में, कंपनी ने पिछले पूरे वित्तीय वर्ष (वित्त वर्ष 2025: 162.66 करोड़ रुपए) की बिक्री का 92 फीसदी हासिल कर लिया है, जो तीव्र वृद्धि को दर्शाता है।
मौसमी उतार-चढ़ाव और क्षमता वृद्धि के कारण, वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में राजस्व वृद्धि वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही की तुलना में 24 फीसदी बढ़ने का अनुमान है, जो कंपनी के विकास अनुमान की पुष्टि करता है।
परिचालन संबंधी मुख्य बिंदु
नई सुविधा चालू (Bhuna, Haryana): कंपनी ने सफलतापूर्वक Bhuna, Haryana में 100 TPD बायोमास पेलेट निर्माण सुविधा चालू की है। यह सुविधा औद्योगिक ग्राहकों के लिए आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाती है और कंपनी के “ग्रीन स्टीम” समाधानों के विस्तार में सहयोग करती है।
ग्रीनफील्ड परियोजना शुरू (Katni, Madhya Pradesh): Katni, Madhya Pradesh में एक नए 100 TPD पेलेट संयंत्र के निर्माण और वैधानिक अनुमोदनों की प्रक्रिया प्रगति पर है।
रणनीतिक औचित्य: उच्च घनत्व वाले कृषि अवशेष समूहों के निकट स्थित होने के कारण, यह परियोजना लॉजिस्टिक्स लागत को कम कर रही है और कच्चे माल के मार्जिन में सुधार ला रही है।
वर्टिकल इंटीग्रेशन: Fatehgarh Sahib, Punjab में राख प्रबंधन और ईंधन आपूर्ति के लिए संपूर्ण संचालन शुरू किया गया है। “यूटिलिटी मैनेजमेंट” में यह कदम ग्राहकों की प्रतिबद्धता को बढ़ाता है और ऊर्जा जीवनचक्र में अतिरिक्त मूल्य जोड़ता है।
रणनीतिक व्यावसायिक क्षेत्र
हरित भाप उत्पादन (BioSteam LLP): कंपनी ने उच्च मूल्य वाले क्षेत्रों में विस्तार जारी रखा है, जिसमें खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र और रसायन उद्योग शामिल हैं। जीवाश्म ईंधन को बायोमास आधारित भाप से प्रतिस्थापित कर, कंपनी ग्राहकों को उनके ESG और डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों को पूरा करने में सहायता कर रही है।
चक्रीय अर्थव्यवस्था और ESG प्रभाव: कृषि अवशेषों का मुद्रीकरण और पारंपरिक ईंधनों का प्रतिस्थापन क्षेत्रीय वायु प्रदूषण को कम करने में योगदान देता है और चक्रीय अर्थव्यवस्था सिद्धांतों को मजबूती प्रदान करता है, जो वैश्विक स्थिरता और जलवायु ढांचों के अनुरूप है।
दृष्टिकोण और राजस्व की स्पष्टता
कंपनी प्रबंधन क्षमता विस्तार, मजबूत ऑर्डर बुक और परिचालन में तेजी के चलते वित्त वर्ष 2026 के शेष हिस्से को लेकर आशावादी बना हुआ है।
वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही का अनुमान: प्रबंधन के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में राजस्व लगभग 60–65 करोड़ रुपए रहने की संभावना है।
वित्त वर्ष 2026 का मार्गदर्शन: कंपनी वित्त वर्ष 2026 को लगभग 210–215 करोड़ रुपए के कुल राजस्व के साथ समाप्त करने की दिशा में अग्रसर है, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।
वित्त वर्ष 2027 के लिए विकास के कारक: वित्त वर्ष 2027 में विकास Bhuna और Katni संयंत्रों के पूर्ण उपयोग, दीर्घकालिक भाप आपूर्ति अनुबंधों के विस्तार और बायोमास ऊर्जा मूल्य श्रृंखला में आगे एकीकरण से संचालित होगा।
Shubhashree Biofuels Energy Limited अनुशासित पूंजी आवंटन और सतत परिचालन वृद्धि के माध्यम से दीर्घकालिक शेयरधारक मूल्य सृजन के लिए प्रतिबद्ध है।




