मुंबई,
भारत का सबसे बड़ा सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने शनिवार को ‘चक्र’ केंद्र की घोषणा की। यह केंद्र उन सनराइज सेक्टर्स के लिए वित्त पोषण में मदद करेगा, जो देश की आर्थिक विकास यात्रा के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस केंद्र का उद्देश्य Knowledge आधारित प्लेटफॉर्म तैयार करना है, जो तकनीक और सतत विकास पर केंद्रित सेक्टर्स के लिए वित्त पोषण उपलब्ध कराए।
‘चक्र’ केंद्र आठ प्रमुख सेक्टर्स पर ध्यान देगा: नवीकरणीय ऊर्जा, उन्नत सेल केमिस्ट्री और बैटरी स्टोरेज, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, कार्बन उत्सर्जन में कमी, स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर। बैंक के अनुसार, 2030 तक इन सेक्टर्स में कुल पूंजी निवेश रु.100लाखकरोड़ से अधिक होने का अनुमान है। बैंक इन पूंजी-गहन सेक्टर्स के लिए जिम्मेदार निवेश सुनिश्चित करेगा, जोखिम मूल्यांकन मजबूत करेगा और नए वित्तीय ढांचे विकसित करेगा।
SBI के अध्यक्ष चल्ला श्रीनिवासुलु सेत्ती ने कहा, “भारत का विकास आने वाले दशकों में नवाचार, सतत विकास और उन्नत विनिर्माण पर आधारित होगा। ‘चक्र’ के माध्यम से, SBI नए और उभरते सेक्टर्स को समझने, विशेष वित्तीय समाधान तैयार करने और पूरे सिस्टम के साथ सहयोग बढ़ाने में सक्षम होगा।” केंद्र Knowledge Sharing, प्रोजेक्ट मूल्यांकन, क्षमता निर्माण और नीति निर्माण में सहयोग करेगा। इसके माध्यम से बैंक White Papers, सेक्टर रिपोर्ट्स, Knowledge Series और Policy Dialogues तैयार करेगा, जो ग्राहकों, निवेशकों और नीति निर्माताओं को सही निर्णय लेने में मदद करेंगे।
‘चक्र’ विकास वित्त संस्थानों, बैंकों, एनबीएफसी, उद्योग निकायों, कंपनियों, स्टार्ट-अप और अकादमिक संस्थानों के साथ सहयोग करेगा। इसका उद्देश्य मजबूत क्षमता निर्माण करना, नवाचार केंद्रित उद्यमों का समर्थन करना और सतत और तकनीक आधारित सेक्टर्स में पूंजी प्रवाह बढ़ाना है।

