Wednesday, July 1, 2026 |
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कृषि मण्डियों के बाहर धरना-प्रदर्शन, मण्डियों, Dal, Oil, Aata Mill व Masala उद्योगों में छह दिन से कामकाज ठप

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर   Rajasthan Khadya Padarth Vyapar Sangh द्वारा बंद के आह्वान पर मण्डियों में पिछले छह दिन से कामकाज ठप पड़ गया है। राजधानी कृषि उपज मण्डी के व्यापारियों ने मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और मण्डी व्यापारियों,  Dal Mill, Oil MillAata  Mill, व Masala उद्योग से संबंधित लगभग 250 व्यापारियों ने राजधानी मण्डी के मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किया और सरकार द्वारा मांगे नहीं मानी जाने के कारण भारी रोष प्रकट किया। छह दिन में करीब दस हजार करोड़ के व्यापारिक टर्नऑवर का नुकसान हो चुका है। जिस पर उपस्थित व्यपारियों ने चिंता जाहिर की और कहा कि व्यापारी, मुनीम, गुमास्ते, पल्लेदार बेरोजगार है और प्रदेश में उपभोक्ता खाद्य सामग्री की किल्लत का सामना कर रहे हैं। मण्डियों के बन्द होने के कारण आने वाले समय में यदि प्रदेश में खाद्य किल्लत की स्थिति ज्यादा बिगड़ती है तो यह सरकार की जिम्मेवारी होगी।
राजस्थान की सभी मण्डियों में धरने-प्रदर्शन आयोजित किये गये हैं, के समाचार प्राप्त हुए हैं। व्यापारी राज्य सरकार को ज्ञापन भेजकर निवेदन कर रहे हैं कि हमारी मांगें शीघ्र माने जिससे मण्डियों में व्यापार गति पकड़े। व्यापारी, किसान और उपभोक्ता सभी लाभान्वित हों और मजदूरों को रोजगार मिलें। राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के प्रांतीय स्तर के पदाधिकारी प्रदेश के मंत्रियों से मिलकर समस्याओं के समाधान का निवेदन कर रहे हैं जिस पर मंत्रिपरिषद के सदस्यों का सकारात्मक रुख सामने आ रहा है। और संभावना जताई जा रही है कि एक-दो दिन में मुख्यमंत्री महोदय के यहां से भी राजस्थान संघ के प्रतिनिधिमण्डल को बुलाया जा सकता है। Rajasthan Khadya Padarth Vyapar Sangh की आमसभा खाद्य पदार्थ व्यापार संघ, राजधानी मण्डी, कूकरखेड़ा में शनिवार को दोपहर 2.00 बजे आयोजित की जायेगी, जिसमें आंदोलन की समीक्षा की जायेगी और आगामी रणनीति निर्धारित की जायेगी।
Rajasthan Khadya Padarth Vyapar Sangh के चेयरमेन बाबूलाल गुप्ता ने कहा कि मण्डी व्यापारियों, दाल मिल, तेल मिल, आटा मिल व मसाला उद्योग की माँग है कि कृषक कल्याण फीस समाप्त की जायें, राज्य से बाहर अन्य राज्यों में कृषि मण्डी शुल्क चुकाने के बाद राज्य में आने वाले कृषि जिन्सों पर पुन: कृषि मण्डी शुल्क तथा कृषक कल्याण फीस नहीं लिया जायें। मोटे अनाज (श्रीअन्न) पर आढ़त 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 2.25 प्रतिशत की जायें। फल-सब्जी मण्डी में कृषक कल्याण फीस समाप्त कर यूजर चार्ज लगाया जायें।

 



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