जयपुर। Jaipur आधारित विश्व की सबसे बड़ी सिलिका रैमिंग मास निर्माता कंपनी Raghav Productivity Limited ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही और नौमाही के वित्तीय परिणाम प्रस्तुत किए हैं।
कंसोलिडेटेड बैलेंस शीट के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में Raghav Productivity Limited ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 17 फीसदी अधिक 64 करोड़ रुपए का राजस्व और 44 फीसदी अधिक कर पश्चात शुद्ध लाभ 14 करोड़ रुपए अर्जित किया है। वहीं 31 दिसंबर 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2026 की नौमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 25 फीसदी अधिक 187 करोड़ रुपए का राजस्व और 48 फीसदी अधिक कर पश्चात शुद्ध लाभ 40 करोड़ रुपए दर्ज किया है।
वित्तीय परिणामों के मुख्य बिंदु
- बिक्री में 25 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण मात्रा में लगभग 26 फीसदी की वृद्धि रही।
- उत्पाद मिश्रण, लागत अनुकूलन पहलों और बढ़ते निर्यात के कारण उच्च प्राप्ति से प्रेरित होकर प्रति मीट्रिक टन लाभ (PAT) में लगातार सुधार हुआ है।
- समेकित आधार पर क्षमता उपयोग 80 फीसदी रहा।
- कंपनी 30 फीसदी ROCE और 25 फीसदी ROE प्रदान करना जारी रखे हुए है, जबकि क्षमता उपयोग के और अनुकूलन की गुंजाइश बनी हुई है।
बिजनेस अपडेट
उद्योग चक्रों के प्रति लचीलापन: प्रबंधन के अनुसार, अंतिम उपभोक्ता उद्योग यानी इस्पात और फाउंड्री क्षेत्र में उल्लेखनीय मंदी के बावजूद कंपनी का प्रदर्शन स्थिर बना रहा। यह बेहतर उत्पाद क्षमताओं के कारण संभव हुआ, जिससे ग्राहक संयंत्रों की परिचालन दक्षता में सुधार हुआ। इसके चलते नए ग्राहकों के लिए परीक्षण के अवसर खुले और कंपनी की बाजार हिस्सेदारी में वृद्धि हुई।
निर्यात व्यवसाय: निर्यात बिक्री मात्रा में लगभग 15 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे वैश्विक स्तर पर अग्रणी के रूप में कंपनी की स्थिति और मजबूत हुई।
घरेलू व्यवसाय: Rajasthan में संयंत्र होने के बावजूद, पूर्वी और दक्षिणी बाजारों की हिस्सेदारी अब कुल घरेलू बिक्री मात्रा में 50 फीसदी से अधिक हो चुकी है।
ग्राहक आधार: कंपनी ने कुल 283 ग्राहकों को सेवा प्रदान की, जिनमें से शीर्ष 20 ग्राहकों का योगदान 46 फीसदी रहा। यह एक संतुलित और विविध ग्राहक आधार को दर्शाता है।
परिणामों पर अपनी अंतर्दृष्टि साझा करते हुए, Raghav Productivity Limited के प्रबंध निदेशक Rajesh Kabra ने कहा, “हमें अब तक की सबसे अधिक मात्रा, बिक्री और लाभ के साथ एक और तिमाही हासिल करने पर खुशी है, जो निरंतर निष्पादन और दीर्घकालिक मूल्य सृजन पर हमारे फोकस को दर्शाता है। इस्पात बाजार में चल रही मंदी के बावजूद, हमारी बिक्री मात्रा मजबूत बनी रही, जिसका मुख्य कारण नए ग्राहकों का जुड़ना है। यह हमारे व्यापार मॉडल के लचीलेपन और हमारे उत्पाद प्रस्तावों की बढ़ती प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।
ऐतिहासिक रूप से, उद्योग में मंदी हमारे व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई है, क्योंकि इस दौरान संयंत्र मालिक दक्षता और लागत में कमी पर अधिक ध्यान देते हैं। ये ऐसे क्षेत्र हैं, जहां हमारा मूल्य प्रस्ताव विशेष रूप से प्रभावी सिद्ध होता है। इसी प्रवृत्ति के अनुरूप, मौजूदा इस्पात बाजार मंदी के दौरान हमें संभावित ग्राहकों से बढ़ती पूछताछ मिली, जिसके परिणामस्वरूप कई तकनीकी परीक्षण और आगे चलकर वाणिज्यिक बिक्री संभव हुई। हमें विश्वास है कि मौजूदा ग्राहकों की बढ़ती मांग और नए ग्राहकों के जुड़ने से यह गति आगे भी बनी रहेगी और आने वाले वर्षों में कंपनी के विस्तार को मजबूती मिलेगी। हम चुनौतीपूर्ण बाजार परिस्थितियों में भी लगातार बेहतर प्रदर्शन करने और अपनी रणनीति के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”




