बिजनेस रेमेडीज़/नई दिल्ली। सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) के तहत करीब 3.53 लाख घरों के निर्माण के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने बताया कि 10 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में पीएमएवाई-शहरी 2.0 के बेनिफिशियरी-लेड कंस्ट्रक्शन (बीएलसी) और अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (एएचपी) घटकों के तहत कुल 3,52,915 घरों को सेंट्रल सैंक्शनिंग एंड मॉनिटरिंग कमेटी (सीएसएमसी) की बैठक के दौरान मंजूरी दी गई। ये 10 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश हैं- आंध्रप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश।
पीएमएवाई-शहरी 2.0 के तहत स्वीकृत नए घरों में से केवल महिलाओं के लिए 2.67 लाख से अधिक घर स्वीकृत किए गए हैं। यह योजना महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है, इनमें सिंगल महिलाएं और विधवाएं शामिल हैं। साथ ही ट्रांसजेंडरों को 90 घर आवंटित किए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में मिल रहा ये अतिरिक्त फायदा: पीएमएवाई-शहरी 2.0 के तहत राज्य के हिस्से के अलावा, उत्तर प्रदेश प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक लाभार्थी, जिनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक है, को 30 हजार रुपये और 40 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक अविवाहित महिला, विधवा और अलग रहने वाली महिला लाभार्थी को 20 हजार रुपये प्रदान कर रहा है।
मंत्रालय ने 1 सितंबर 2024 से देशभर के शहरी क्षेत्रों में एक करोड़ अतिरिक्त पात्र लाभार्थियों के लिए पीएमएवाई-शहरी 2.0 ‘सभी के लिए आवास’ मिशन शुरू किया था। मंत्रालय के अनुसार, पीएमएवाई-शहरी 2.0 योजना पांच साल में एक करोड़ शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की आवास आवश्यकताओं को पूरा करेगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रत्येक नागरिक बेहतर जीवन स्तर जी सके।
जून 2015 में शुरू हुई थी योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी को पहली बार जून 2015 में लॉन्च किया गया था, इस योजना के तहत 118.64 लाख घरों को मंजूरी दी गई है, जबकि लगभग 92 लाख घरों का निर्माण कर लाभार्थियों को वितरित किया जा चुका है।




