Saturday, July 25, 2026 |
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देश के लिए ‘एमएसएमई’ 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने की कुंजी

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली(आईएएनएस)। देश के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने की कुंजी हैं। एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने कहा कि भारत की आकांक्षाओं में  योगदान देते हुए यह उद्योग और एमएसएमई सहयोग को लेकर बात करने का यही सही समय है। भारत अपनी आकांक्षा में लगातार आगे बढ़ रहा है। भारत 10 वर्ष पहले 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से वर्तमान में चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।

एमएसएमई मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और विकास आयुक्त डॉ. रजनीश के अनुसार, “वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, सप्लाई चेन में एसएमई का इंटीग्रेशन के जरिए हम ऐसे अवसर बना सकते हैं, जो पार्टनरशिप करने वाले दोनों पक्षों के लिए एक जीत की स्थिति पैदा करे। ऐसे अवसर, जिनमें एमएसएमई को आगे बढऩे की सुविधा मिले और उद्योग घरेलू स्तर पर अपनी आवश्यकताओं को पूरा करें, जिससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ को बल मिलेगा।” डॉ. रजनीश ने एमएसएमई की प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता और उत्पादकता को बढ़ाने में मदद के लिए ‘सीआईआई एनुअल बिजनेस समिट 2025’ के दौरान ‘सीआईआई एमएसएमई एक्सपोर्ट हेल्पडेस्क’ को लॉन्च किया। सीआईआई के उपाध्यक्ष आर. मुकुंदन ने एमएसएमई की क्षमता को बढ़ाने के लिए चार बुनियादी स्तंभों पर विचार-विमर्श किया। इन स्तंभों में कौशल और क्षमता का निर्माण करना शामिल है।

साथ ही यह सुनिश्चित करना शामिल है कि वे कम नियामक निरीक्षण के साथ काम कर सकें। उन्होंने कहा, “रोजगार सृजन के अलावा, निर्यात एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि यह हमें ग्लोबल वैल्यू चेन में शामिल होने की अनुमति देता है। कपड़ा, एग्रीकल्चर प्रोसेसिंग और चमड़ा जैसे क्षेत्रों में, एमएसएमई दुनिया भर में सामग्री की आपूर्ति करने में अग्रणी है।” उनकी जमीनी स्तर पर मौजूदगी भविष्य में भारत को एक उच्च प्रदर्शन करने वाले, प्रतिस्पर्धी उद्यम के रूप में स्थापित करती है।

सीमेंस इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील माथुर ने वैश्विक परिदृश्य से तुलना करते हुए कहा कि जर्मनी में 27 मिलियन लोग छोटे और मध्यम उद्यमों में कार्यरत हैं। जर्मनी की जनसंख्या 84 मिलियन है और यह देश के सकल घरेलू उत्पाद में 55 प्रतिशत का योगदान देता है। उन्होंने कहा कि भारत में 60 मिलियन उद्यमों के साथ अपार संभावनाएं मौजूद हैं।



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