कुंजेश कुमार पतसारिया |Business Remedies/Jaipur।पुष्कर में लंबी विरासत को बरकरार रखते हुए Laxmi Mishthan Bhandar के proprietor Giriraj Vaishnav ने अपनी पहचान देश-विदेश में बनाई है। इन्हें पुष्कर में मालपुआ founder के नाम से भी जाना और पहचाना जाता है। Giriraj Vaishnav ने अपने दोनों बेटों Mohit Vaishnav और Sarveshwar Vaishnav के जरिए दादा Shivprasad Minter Maharaj द्वारा शुरू की गई परंपरा को आधुनिक स्वरूप दिया है। इनकी सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद भी जड़ें जमीन से जुड़ी रही हैं। यहां के रबड़ी के मालपुए की मिठास और शुद्धता ने न केवल देशी बल्कि विदेशी पर्यटकों के दिलों में भी अपनी खास जगह बना ली है।
आपकी शैक्षणिक गतिविधियों को बताएं। कहां से शिक्षा ग्रहण की और कहां तक की है?
मैंने Senior Secondary की परीक्षा वर्ष 1991 में उत्तीर्ण की और इसके बाद पूरी तरह से अपने पुश्तैनी व्यवसाय में उतर आया।
व्यवसाय करने की प्रेरणा आपको कहां से मिली? इसका अनुभव कहां से लिया और व्यवसाय में किस तरीके की सेवाएं देते हैं?
बचपन से ही मुझे व्यवसाय करने की रुचि थी, क्योंकि मैं दादा Shivprasad Minter Maharaj और पिता Ghanshyam Vaishnav को व्यवसाय करते हुए देखता था। उनकी प्रेरणा से ही मैं इस व्यवसाय में आया। शुरुआत में थोड़ा समय देता था, लेकिन बाद में पूरा समय उनके साथ काम सीखने और दुकान पर ग्राहकों से व्यवहार करने में लगाता रहा। जब पूरा काम सीख लिया तो व्यवसाय की कमान अपने हाथों में ले ली।
आज मेरे दोनों बेटे Mohit Vaishnav (M.Com) और Sarveshwar Vaishnav (MBA) मेरे दिशा-निर्देश में इस व्यवसाय को संभाल रहे हैं। पुष्कर में हमारी ही सर्वप्रथम रबड़ी के मालपुए की मिठान की shop स्थापित हुई थी, तभी से यहां के रबड़ी के मालपुए प्रसिद्ध हुए। शॉप पर अन्य मिठाइयां भी साफ-सफाई और गुणवत्तायुक्त सामग्री से तैयार की जाती हैं। रबड़ी के मालपुए गाढ़े दूध की रबड़ी और देशी घी से बनाए जाते हैं।
आज भले ही पुष्कर में कई रबड़ी मालपुए की shops हो गई हों, लेकिन हमारी विरासत की मिठास, शुद्धता और गुणवत्ता आज भी उसी तरह बरकरार है। हमारे यहां के रबड़ी के मालपुए भारत के अधिकांश राज्यों के अलावा America, Dubai, New York, Abu Dhabi, England और Denmark सहित कई देशों में online delivery के जरिए भेजे जाते हैं, जहां इन्हें बेहद पसंद किया जाता है।
वर्तमान में प्रतिस्पर्धा के युग में आपके समक्ष कोई चुनौतियां सामने आईं? यदि हां, तो उनका समाधान किस तरह किया?
हर व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा स्वाभाविक है। हमारे व्यवसाय में भी आई, लेकिन हमने अपने उत्पाद की quality पर पूरा ध्यान देकर इसका समाधान किया। हमारा पहला उद्देश्य हमेशा quality maintain करना रहा है। इसके साथ ही ग्राहकों को उचित और रियायती दर पर मिठान उपलब्ध कराना भी हमारी प्राथमिकता रही है।
सामाजिक सरोकार के कोई कार्य किए हों तो बताएं?
कई सामाजिक संगठनों से जुड़े होने के कारण हम समय-समय पर गरीबों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की सहायता करते रहते हैं। इसके अलावा हम Gaushala में गायों को चारा और आर्थिक सहयोग भी प्रदान करते हैं।
आपके आदर्श कौन हैं?
मेरे आदर्श मेरे पिता Ghanshyam Vaishnav हैं। उनके सिद्धांतों और आदर्शों पर चलकर ही हम आगे बढ़ पा रहे हैं।
भविष्य में व्यवसाय को कहां तक विस्तार देना चाहते हैं?
लोगों का विश्वास जीतना हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य है। इसके साथ ही हम अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहते हैं। मेरे दोनों बेटे नई तकनीक का उपयोग कर व्यवसाय को आगे बढ़ाने में पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं।
नए युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए क्या सुझाव देना चाहेंगे?
युवाओं को मेरा यही सुझाव है कि वे जो भी व्यवसाय करें, पूरी मेहनत और ईमानदारी से करें। व्यवसाय की सही जानकारी रखें, तो निश्चित रूप से व्यापार आगे बढ़ेगा।
सरकार से आपकी क्या अपेक्षाएं हैं, ताकि आपके व्यवसाय को और गति मिल सके?
सरकार से हमारी अपेक्षा है कि वह छोटे और मझोले व्यापारियों को प्रोत्साहित करने के लिए tax rebate दे और नई नीतियों के माध्यम से राहत प्रदान करे। इसके साथ ही GST को और सरल बनाकर व्यापारियों का सहयोग किया जाए।








