New Delhi,
भारत के Manufacturing, Engineering And Infrastructure (MEI) सेक्टर में रोजगार के अवसरों में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। एक रिपोर्ट के अनुसार HY1 FY2026–27 में Net Employment Change 6.6 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष 5.5 प्रतिशत था। इससे साफ है कि इस सेक्टर में भर्ती की गति तेज हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि लगभग 70 प्रतिशत कंपनियां अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रही हैं। इससे यह सेक्टर देश के प्रमुख रोजगार देने वाले क्षेत्रों में शामिल हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब यह क्षेत्र पूरी तरह से सुधार के दौर से बाहर निकल चुका है और इसमें लगातार निवेश हो रहा है।
गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक में Semiconductor से जुड़े प्रोजेक्ट्स के कारण वर्ष 2026–28 तक करीब 10लाख नई नौकरियां बनने की संभावना है। ये नौकरियां उत्पादन, जांच, डिजाइन और आपूर्ति श्रृंखला जैसे कामों में होंगी। सरकार की योजनाओं के तहत Clean Energy और Semiconductor क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। नई तकनीक के इस्तेमाल से अब कारखानों और इंजीनियरिंग कार्यों में कुशल कर्मचारियों की मांग बढ़ रही है।
रिपोर्ट के अनुसार Engineering क्षेत्र में स्थिरता बनी हुई है। करीब 33 प्रतिशत कंपनियां विस्तार करना चाहती हैं, जबकि 46 प्रतिशत कंपनियां अपने मौजूदा कर्मचारियों को बनाए रखना चाहती हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि निवेश आधारित काम लगातार जारी है। शहरों में Chennai सबसे आगे है जहां 24 प्रतिशत कंपनियां विस्तार करना चाहती हैं। इसके बाद Pune में 20 प्रतिशत और Bengaluru में 18 प्रतिशत कंपनियां भर्ती बढ़ाने की योजना बना रही हैं। Pune में यह तेजी उद्योग और तकनीकी केंद्रों के कारण देखी जा रही है।
राज्यों की बात करें तो तमिलनाडु, महाराष्ट्र और गुजरात रोजगार के बड़े केंद्र बने हुए हैं, जहां वाहन, Semiconductor और निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट्स तेजी से बढ़ रहे हैं। वेतन वृद्धि के मामले में भी यह सेक्टर आगे है। FY2026–27 में यहां 9.4 प्रतिशत वेतन बढ़ने का अनुमान है, जो अन्य क्षेत्रों से अधिक है। Chennai और Pune में सबसे ज्यादा 9.8 प्रतिशत वेतन वृद्धि देखने को मिल सकती है।

