बिजनेस रेमेडीज/New Delhi (आईएएनएस)। केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार V. Anantha Nageswaran ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में India की GDP वृद्धि दर 7 प्रतिशत या उससे अधिक रहने की संभावना है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दूसरी तिमाही में देश की विकास दर 8.2 प्रतिशत रही, जबकि पहली तिमाही में यह 7.8 प्रतिशत थी।
Nageswaran ने कहा कि India की आर्थिक वृद्धि प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं से तेज बनी हुई है। वर्ष 2024-25 में कृषि उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर रहने की संभावना है। साथ ही गैर-खाद्य ऋण में वृद्धि और PMI व माल ढुलाई जैसे High-Frequency आंकड़े लगातार आर्थिक गति को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मजबूत मांग देखी जा रही है, जबकि स्थिर मुद्रास्फीति ने घरेलू बचत को सहारा दिया है।
Nageswaran ने कहा कि पिछले 10-11 वर्षों में भौतिक और डिजिटल अवसंरचना में बड़े निवेश, साथ ही निर्यातकों की मजबूती और 2024 के बाद लागू नीतिगत कदमों ने अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार दिया है।
हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि America द्वारा Indian उत्पादों पर लगाए गए अधिक शुल्क का नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। कई नए बाजार खोजने के बावजूद निर्यात क्षेत्र पर इसका असर दिख रहा है।
मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि तीसरी तिमाही अच्छी स्थिति में शुरू हुई है और रोजगार की स्थिति भी स्थिर बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में India की GDP वृद्धि 8.2 प्रतिशत रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 5.6 प्रतिशत थी। सरकार के अनुसार, दूसरी तिमाही में Secondary और Tertiary Sector की वृद्धि क्रमशः 8.1 प्रतिशत और 9.2 प्रतिशत रही, जिससे कुल GDP वृद्धि 8 प्रतिशत से ऊपर पहुंची।
IMF ने अनुमान लगाया है कि 2025-26 में India ही एकमात्र बड़ी अर्थव्यवस्था होगी जिसकी वृद्धि दर 6 प्रतिशत से अधिक रहेगी, जबकि American शुल्क बढ़ने से वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था की गति पर असर पड़ने की संभावना है।025-26, supported by strong Q2 growth of 8.2%, rising demand, stable inflation, and robust infrastructure investment.




