Sunday, February 1, 2026 |
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भारत बनाएगा मजबूत एविएशन विनिर्माण तंत्र, वैश्विक निर्यात का बनेगा केंद्र

by Business Remedies
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Union Minister Ram Mohan Naidu inaugurating Wings India 2026 at Hyderabad Airport

हैदराबाद,

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि भारत अब सिविल एविएशन क्षेत्र में अगला बड़ा कदम उठाने के लिए तैयार है और देश में मजबूत विनिर्माण तंत्र विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह तंत्र न केवल अगले 10-20 वर्षों में बढ़ने वाली घरेलू मांग को पूरा करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक निर्यातक के रूप में भी स्थापित करेगा। मंत्री ने बेगमपेट हवाई अड्डे पर आयोजित Wings India 2026 सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस द्विवार्षिक आयोजन में सिविल एविएशन क्षेत्र में भारत की ताकत, विशेषकर विनिर्माण क्षेत्र की क्षमता, प्रदर्शित की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में देश में हवाई अड्डों की संख्या, यात्रियों की संख्या और विमानों के बेड़े में दोगुनी वृद्धि हुई है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और सिविल एविएशन क्षेत्र में किए गए सुधारों, विशेष रूप से उड़ान योजना, को जाता है।

मंत्री ने जानकारी दी कि मंगलवार को ब्राजील की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर और अदाणी एयरोस्पेस के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता भारत में विनिर्माण तंत्र विकसित करने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने कहा कि एविएशन इंजीनियरिंग में विशेष कौशल और सटीकता की आवश्यकता होती है और भारत अब इस क्षेत्र में विश्वसनीय और भरोसेमंद भागीदार बन चुका है। उन्होंने बताया कि एम्ब्रेयर और अदाणी एयरोस्पेस के सहयोग की समयसीमा अगले महीने तय की जाएगी, जब ब्राजील के राष्ट्रपति भारत आएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। मंत्री ने उम्मीद जताई कि अगले दो वर्षों में विनिर्माण क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिलेगी।

राम मोहन नायडू ने विमानों की स्थिर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और बोइंग 787-9 विमान का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि यह विमान विशेष रूप से एयर इंडिया के लिए तैयार किया गया है और इसकी पहली आपूर्ति पूरी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि एविएशन उद्योग की एक बड़ी चुनौती विमानों की उपलब्धता है। बोइंग और एयरबस को बड़ी संख्या में ऑर्डर दिए गए हैं और इस वर्ष से उनकी आपूर्ति शुरू हो रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय यात्रियों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए इन विमानों की आपूर्ति से एविएशन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। मंत्री ने कहा कि एयरबस और बोइंग पहले से ही भारत से 2 बिलियन डॉलर तक के कलपुर्जे और उपकरणों की सोर्सिंग कर रहे हैं। देश में कई विनिर्माण केंद्र विकसित हो रहे हैं। तेलंगाना और कर्नाटक में बड़े केंद्र हैं, जबकि आंध्र प्रदेश और गुजरात भी इस तंत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि Wings India 2026 के दौरान वैश्विक साझेदारियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, चाहे वह संगठनों के साथ हो या विभिन्न देशों के साथ। नागरिक उड्डयन मंत्रालय एविएशन विनिर्माण क्षेत्र में भारत के साथ साझेदारी करने के इच्छुक सभी पक्षों को आवश्यक सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस आयोजन में 20 देशों के प्रतिनिधि और भारत सहित विदेशों से 3,000 व्यावसायिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। यहां विमानों की स्थिर प्रदर्शनी के साथ-साथ विमान कलपुर्जों, संबंधित उत्पादों, एवियोनिक्स और प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार भारत अगले 10-15 वर्षों तक प्रतिवर्ष 7 प्रतिशत की दर से वृद्धि करेगा। वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारत सबसे अनुकूल और भरोसेमंद निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच जटिल मुक्त व्यापार समझौता भी इसी विश्वास का प्रमाण है।



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