Friday, July 24, 2026 |
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टोल कलेक्शन, ईपीसी प्रोजेक्ट्स और रियल एस्टेट डेवलपमेंट क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख कंपनी है ‘Highway Infrastructure Limited’

गुरुवार, 7 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं निवेशक, खुलते ही आईपीओ को मिला शानदार समर्थन

by Business Remedies
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Highway Infrastructure Limited

बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। मध्य प्रदेश के इंदौर आधारित ‘हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड’ टोल कलेक्शन, ईपीसी प्रोजेक्ट्स और रियल एस्टेट डेवलपमेंट क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख कंपनी है। कंपनी द्वारा कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों की पूर्ति हेतु एनएसई और बीएसई मैनबोर्ड पर आईपीओ लाया गया है। मंगलवार, 5 अगस्त को आईपीओ के खुलते ही इसे निवेशकों की ओर से शानदार समर्थन हासिल हुआ है। बिजनेस रेमेडीज की टीम ने कंपनी के प्रोस्पेक्ट्स से कंपनी की कारोबारी गतिविधियों के संबंध जानकारी हासिल की है।

कारोबारी गतिविधियां: 1995 में निगमित, हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड एक भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकास एवं प्रबंधन कंपनी है जो टोल संग्रह, ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद एवं निर्माण) परियोजनाओं और रियल एस्टेट विकास में संलग्न है। कंपनी सडक़ों, राजमार्गों, पुलों और आवासीय परियोजनाओं के निर्माण एवं रखरखाव में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी इन क्षेत्रों में सक्रियता से संलग्न है।
टोलवे संग्रह व्यवसाय : एचआईएल राजमार्ग परियोजनाओं के लिए टोलवे संग्रह प्रणालियों का संचालन और प्रबंधन करती है, जो प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से प्रदान की जाती हैं। कंपनी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर टोलवे संग्रह के लिए एएनपीआर (स्वचालित नंबर प्लेट पहचान) तकनीक का उपयोग करने वाले कुछ टोल ऑपरेटरों में से एक का संचालन कर रही है। टोल संग्रह कार्य 11 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में फैला हुआ है। कंपनी निर्बाध टोल भुगतान के लिए आरएफआईडी टैग और डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए एक अद्यतन इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (ईटीसी) प्रणाली का उपयोग कर रही है। कंपनी भारत के उन गिने-चुने टोल ऑपरेटरों में से एक है जिन्होंने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर एएनपीआर (स्वचालित नंबर प्लेट पहचान) तकनीक पर आधारित टोल संग्रह का प्रबंधन किया है। इस प्रणाली में, विभिन्न प्रवेश और निकास स्थानों पर लगे एएनपीआर कैमरों द्वारा दर्ज वाहनों के प्रवेश और निकास के आधार पर फास्टैग से लागू उपयोगकर्ता शुल्क काटा जाता है। कंपनी ने 31 मई, 2025 तक 27 टोलवे संग्रह परियोजनाएँ पूरी कर ली हैं और वर्तमान में 04 टोलवे संग्रह परियोजनाओं का संचालन कर रही है।

ईपीसी इंफ्रा परियोजनाएँ: कंपनी के पास परियोजनाओं की अवधारणा से लेकर उनके पूरा होने तक के प्रबंधन के लिए आंतरिक संसाधन हैं। कंपनी को विभिन्न बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं, जिनमें सडक़ें, पुल, तालाब, सिंचाई संबंधी निर्माण और नागरिक भवन शामिल हैं, का अनुभव है। 31 मई, 2025 तक एचआईएल ने 66 ईपीसी इन्फ्रा परियोजनाएँ पूरी कर ली हैं, जिनमें से 24 परियोजनाएँ वर्तमान में निर्माणाधीन हैं। 4 परियोजनाओं के पूर्ण होने के प्रमाण पत्र आने बाकी हैं। कंपनी द्वारा मध्य प्रदेश के इंदौर, रतलाम और खंडवा में चल रही परियोजनाएँ क्रियान्वित की जा रही है।
रियल एस्टेट: कंपनी के रियल एस्टेट क्षेत्र में वाणिज्यिक और आवासीय संपत्तियों का स्वामित्व, विकास, निर्माण और बिक्री शामिल है। कंपनी ने समय के साथ गेटेड कम्युनिटी और आवासीय परियोजनाओं का विकास किया है। 31 मई, 2025 तक कंपनी की 666.30 करोड़ रुपए की ऑर्डर बुक है।

वित्तीय प्रदर्शन: वित्त वर्ष 2023 में कंपनी ने 456.83 करोड़ रुपए का राजस्व और 13.80 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ, वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 576.58 करोड़ रुपए का राजस्व और 21.41 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ और वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 504.48 करोड़ रुपए का राजस्व और 22.40 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वित्तीय परिणामों से स्पष्ट है कि कंपनी साल दर साल अच्छे वित्तीय परिणाम प्रस्तुत कर रही है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 4.44 फीसदी का कर पश्चात शुद्ध लाभ मार्जिन अर्जित किया है। वित्त वर्ष 2025 में तक कंपनी की असेट 231.56 करोड़ रुपए, नेटवर्थ 117.72 करोड़ रुपए, रिजर्व एवं सरप्लस 83.90 करोड़ रुपए और कुल कर्ज 71.82 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। कंपनी का कर्ज इक्विटी अनुपात 0.61 गुना का है और इस आधार पर कह सकते हैं कि कंपनी पर कर्ज भार अधिक नहीं है।

आईपीओ की जानकारी: ‘हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड’ के आईपीओ में निवेशक 7, अगस्त 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। कंपनी द्वारा बुक बिल्ट इश्यू प्रणाली से 5 रुपए फेसवैल्यू के 1,85,71,428 शेयर 65 से 70 रुपए प्रति शेयर के भाव पर जारी कर 130 करोड़ रुपए जुटाए जा रहे हैं। इनमें से कंपनी के शेयरधारकों द्वारा 5 रुपए फेसवैल्यू के 46,40,000 शेयर ऑफर फॉर सेल के माध्यम से बिक्री कर 32.48 करोड़ रुपए हासिल किए जाएंगे। आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार समर्थन हासिल हुआ है और 5 अगस्त को शाम 4.30 बजे तक कंपनी के आईपीओ को 27.43 गुना अभिदान हासिल हो चुका है। आईपीओ का प्रबंधन प्रमुख लीड मैनेजर कंपनी पैंटोमैथ कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
नोट : यह लेख निवेश सलाह नहीं है।



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