एचडीएफसी म्यूचुअल फंड भारत की अग्रणी और सबसे भरोसेमंद ऐसेट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक है। इसकी स्थापना 1999 में हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (एचडीएफसी) और स्टैंडर्ड लाइफ इन्वेस्टमेंट्स (अब एबीआरडीएन) के संयुक्त उद्यम के रूप में हुई थी। वर्षों से इसने पेशेवर फंड प्रबंधन, शोध-आधारित निवेश और दीर्घकालिक धन सृजन के लिए एक मजबूत प्रतिष्ठा बनाई है।
एचडीएफसी म्यूचुअल फंड कई तरह की निवेश योजनाएं पेश करता है, जिनमें शामिल हैं:
-इक्विटी फंड (लार्ज-कैप, मिड-कैप, स्मॉल-कैप, फ्लेक्सी-कैप, सेक्टोरल)
-डेट फंड (लिक्विड, शॉर्ट-टर्म, कॉर्पोरेट बॉन्ड, गिल्ट)
-हाइब्रिड फंड (बैलेंस्ड और एग्रेसिव हाइब्रिड)
-टैक्स-सेविंग फंड (ईएलएसएस)
-रिटायरमेंट और लक्ष्य-उन्मुख फंड
यह फंड हाउस अल्पकालिक बाजार रुझानों के बजाय दीर्घकालिक निवेश अनुशासन, मजबूत जोखिम प्रबंधन और निरंतर प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करता है। यह धन अर्जित करने, कर बचाने या सेवानिवृत्ति जैसे दीर्घकालिक लक्ष्यों की योजना बनाने के इच्छुक नए और अनुभवी दोनों निवेशकों के लिए उपयुक्त है।
1. एचडीएफसी मिड-कैप अपॉर्चुनिटीज़ फंड – डायरेक्ट प्लान: एचडीएफसी मिड-कैप अपॉर्चुनिटीज़ फंड का लक्ष्य उन मध्यम आकार की कंपनियों में निवेश करना है जिनमें लार्ज-कैप कंपनियों की तुलना में अधिक विकास क्षमता है।
रिटर्न: 5-वर्षीय सीएजीआर: 33.07 फीसदी
इसने ऐतिहासिक रूप से मिड-कैप बेंचमार्क को मात दी है। 5 साल पहले किया गया 1 लाख का निवेश बढ़कर लगभग 4.17 लाख रुपए हो गया है।
शैली: विविध क्षेत्रों में निवेश के साथ सक्रिय, बॉटम-अप स्टॉक चयन।
2. एचडीएफसी फ्लेक्सी कैप फंड – डायरेक्ट प्लान:
फ्लेक्सी-कैप फंड में लार्ज, मिड और स्मॉल कैप शेयरों में निवेश करने की सुविधा होती है, जिससे यह एक विविध कोर इक्विटी होल्डिंग बन जाता है। एचडीएफसी फ्लेक्सी कैप फंड बाजार मूल्यांकन के आधार पर परिसंपत्तियों का आवंटन करके विकास और जोखिम के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करता है।
रिटर्न: 5-वर्षीय सीएजीआर: 30 फीसदी
एसआईपी और एकमुश्त निवेश दोनों तरीकों में शानदार प्रदर्शन।
31 वर्षों में 10,000 रुपए की मासिक एसआईपी से काफी संपत्ति (लगभग 21.5 करोड़) जमा हो गई है।
निवेश शैली:विभिन्न मार्केट कैप वाली कंपनियों में गतिशील आवंटन।
3. एचडीएफसी स्मॉल कैप फंड – डायरेक्ट प्लान:
यह फंड स्मॉल-कैप कंपनियों में निवेश करता है, जो अक्सर लार्ज या मिड कैप कंपनियों की तुलना में नई और अधिक विकासोन्मुखी होती हैं। आर्थिक विस्तार के दौर में ये कंपनियाँ अच्छा रिटर्न दे सकती हैं।
रिटर्न: 5-वर्षीय सीएजीआर:29.5 फीसदी
अन्य श्रेणियों की तुलना में उच्च रिटर्न देता है, लेकिन इसमें अस्थिरता अधिक होती है।
शैली: विकास क्षमता वाली कंपनियों पर केंद्रित, लेकिन बाजार में गिरावट के प्रति संवेदनशील। यह फंड मजबूत संभावित प्रतिफल चाहने वाले और बाजार की अस्थिरता का सामना करने के इच्छुक आक्रामक निवेशकों के लिए है।
4. एचडीएफसी ईएलएसएस टैक्स सेवर फंड – डायरेक्ट प्लान: ईएलएसएस (इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम)** आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत कर लाभ प्रदान करती है, जिसमें अनिवार्य 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता है। यह मुख्य रूप से इक्विटी में निवेश करती है और इसका उद्देश्य दीर्घकालिक धन सृजन करना है।
रिटर्न:
3-वर्षीय सीएजीआर:22.8 फीसदी
कर बचत लाभ के साथ ठोस प्रदर्शन।
3 वर्षों में 10,000 रुपए की एसआईपी कर बचत के साथ उल्लेखनीय वृद्धि कर सकती है।
शैली: कर दक्षता के साथ इक्विटी-उन्मुख वृद्धि।
यह फंड उन निवेशकों के लिए है जो धन वृद्धि के साथ-साथ धारा 80C कर लाभ चाहते हैं।
5. एचडीएफसी रिटायरमेंट सेविंग्स फंड – इक्विटी प्लान – डायरेक्ट प्लान: सेवानिवृत्ति जैसे दीर्घकालिक लक्ष्यों** के लिए डिज़ाइन किया गया, यह इक्विटी प्लान विविध इक्विटी निवेशों और अनुशासित निवेश दृष्टिकोण के माध्यम से सेवानिवृत्ति निधि बनाने पर केंद्रित है।
रिटर्न : 3-वर्षीय सीएजीआर: 20.2 फीसदी
* सेवानिवृत्ति पर केंद्रित रहते हुए कई अवधियों में मजबूत प्रदर्शन।
शैली: सेवानिवृत्ति लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक विकास उन्मुखीकरण।
यह फंड उच्च वृद्धि क्षमता वाली सेवानिवृत्ति निधि बनाने वाले निवेशकों के लिए है।

