बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। देश में सोने के भावों को लेकर अब केंद्र सरकार जल्द आमूलचूल बदलाव करने का विचार कर रही है। वन नेशन वन गोल्ड रेट पॉलिसी के तहत केंद्र सरकार की योजना एक राष्ट्रीय बुलियन एक्सचेंज स्थापित करने की है। यह एक्सचेंज सोने की कीमतें तय करेगा और देशभर के ज्वैलर्स को इसी कीमत पर सोना बेचना होगा। वर्तमान में देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतें अलग-अलग होती हैं। सामान्यतय: जयपुर और इंदौर के सर्राफा बाजारों में 10 ग्राम 24 कैरेट सोना दक्षिण भारतीय शहरों और दिल्ली-मुंबई के मुकाबले करीब 1500 से 2000 रुपए तक महंगे बिकते हैं।
जीजेसी का है पूरा समर्थन
देशभर के बड़े ज्वैलर्स सोने के लिए वन नेशन वन रेट नीति अपनाने के लिए राजी हो गए हैं। इसका उद्देश्य पूरे देश में सोने की कीमतों को समान करना है। जेम एंड ज्वैलरी काउंसिल (जीजेसी) का इसे समर्थन है। जानकारी के अनुसार जीजेसी की सितंबर की बैठक में इसकी आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है।
ग्राहकों को क्या होगा फायदा
वन नेशन वन गोल्ड रेट पॉलिसी से बाजार में पारदर्शिता के साथ ग्राहकों से समान व्यवहार होगा और सोने का बाजार अधिक कुशल बनेगा। इसके अलावा कीमतों में अंतर समाप्त होने से सोने की कीमतों में कमी आ सकती है। मनमानी कीमत वसूलने की गुंजाइश नहीं रहेगी और ग्राहकों को फायदा होगा। देशभर के सभी ज्वैलर्स को समान प्रतिस्पर्धा का माहौल प्रदान करेगी। यह न्यायायसंगत बाजार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वन नेशन वन गोल्ड रेट पॉलिसी से सबसे बड़ी बात तो यह रहेगी कि ग्राहकों में कन्फ्यूजन दूर होगा। अगर यह दूर होगा तो विश्वास भी बढ़ेगा और पारदर्शिता भी आ सकेगी।
-आलोक सौंखिया, अध्यक्ष, ज्वैलर्स एसोसिएशन, जयपुर
इस पॉलिसी से ग्राहकों और ज्वैलर्स को काफी फायदा होगा। देश के सभी राज्यों में सोने की एक ही रेट होगी, ग्राहकों का कन्फ्यूजन भी दूर होगा। वह दूसरे राज्यों में उसी रेट पर सोने की खरीद व बिक्री कर सकेंगे। पूरी तरह से पारदर्शिता से काम हो सकेगा।
-नीरज लुणावत, मानद् सचिव, ज्वैलर्स एसोसिएशन, जयपुर
हिन्दुस्तान में सोने की एक ही दर हो जाए, तो सबसे अच्छा है। ग्राहकों को सोना खरीदने में सहूलियत भी मिल सकेगी। इसके अलावा ज्वैलर्स भी अपनी मनमानी नहीं कर सकेंगे और सोना भी उचित दर पर मिल सकेगा।




