सरकारी खरीद बंद होने से उद्यमी असमंजस में
जीएसटी दर में कोई बदलाव नहीं, सरकार ने 18 प्रतिशत को यथावत रखा
बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। प्रदेश की पीवीसी पाइप इंडस्ट्री इन दिनों असमंजस में हैं। पाइप निर्माता कंपनियों का कहना है कि पीवीसी पाइप की सरकारी खरीद बंद होने से इंडस्ट्री पर मार पड़ रही है। वहीं कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से भी परेशान कर रही है। वहीं जीएसटी दर में कोई बदलाव नहीं हुआ है। गौरतलब है कि राजस्थान में पीवीसी पाइप इंडस्ट्री कई वर्षों से कृषि, निर्माण और जल आपूर्ति क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, लेकिन वर्तमाने में उसे कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
महंगी बिजली बड़ी समस्या
राजस्थान में बिजली देश में सबसे महंगी है। इस कारण पीवीसी पाइप की लागत बहुत बढ़ जाती है। सरकार से आग्रह है कि इंडस्ट्री के लिए बिजली की दरों पर फिर से विचार करे। क्योंकि पीवीसी पाइप की सरकारी खरीद बंद होने से उद्योग पहले ही परेशानी में हैं। वहीं पुराने उद्यमियों के लिए एसजीएसटी में छूट देने पर भी विचार करे। इसके अलावा सरकार प्रदेश में इंडस्ट्रियल ग्रोथ की योजनाएं बनाएं और प्रोत्साहन दे, जिससे प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ सके।
– जीएसटी रिफॉर्म का पीवीसी पाइप इंडस्ट्री पर कोई बदलाव नहीं आया है। पहले जितना जीएसटी लग रहा था, उतना ही अब लग रहा है। सरकार जमीनें ऑक्शन कर रही है, तो वह भी बहुत महंगी हैं। ऐसे में इंडस्ट्री कैसे सरवाइव करेगी। बीते पांच सालों में पाइप इंडस्ट्री में स्थितियां जटिल हुई हैं। सरकार ने भी वर्तमान में पीवीसी पाइप की खरीदारी बंद कर दी है। इससे इंडस्ट्री पर संकट है। एसजीएसटी में थोड़ा बहुत प्रोत्साहन मिल रहा है, वह भी नई इंडस्ट्री वालों को दिया जा रहा है। वर्तमान सरकार उद्योग विरोधी है। प्रदेश में बिजली बहुत महंगी। इंडस्ट्रीज के लिए बिजली की दरों पर भी सरकार विचार करे।
– अशोक कुमार अग्रवाल, डायरेक्टर, अग्रवाल इलेक्ट्रोपॉवर प्रा.लि. (मिलन पॉवर)
– बीते पांच सालों में पीवीसी पाइप इंडस्ट्री में कई परिवर्तन आए हैं। राजस्थान व देश की पाइप इंडस्ट्री पर अमरीकी टैरिफ का कोई असर नहीं है, क्योंकि अधिकतर पाइन स्थानीय स्तर पर देश में ही उपयोग होते हैं। राजस्थान सरकार भी इंडस्ट्री प्रोत्साहन के लिए योजना ला रही है, इसका आगामी दिनों में पता चल जाएगा। राजस्थान सरकार लगातार इंडस्ट्री ग्रोथ के लिए कार्य कर रही है। इसके अच्छे परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
– सुमेर सिंह शेखावत, डॉयरेक्टर, भगवती प्लास्टिक एंड पाइप इंडस्ट्रीज

