बालिकाओं को सशक्त बनाने, उनके अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज में समानता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए आज राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाएगा। यह दिवस भारत में एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जो प्रत्येक बालिका की सुरक्षा, समर्थन और उत्थान पर केंद्रित है। हर बेटी को सशक्त बनाना, एक मजबूत भारत का निर्माण करना ही इसका मुख्य उद्देश्य है। इस दिन की स्थापना कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह, लिंग असमानता और बालिकाओं के प्रति हिंसा जैसी कुरीतियों को समाप्त करने के लिए की गई थी। यह समाज को लड़कियों को जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढऩे के समान अवसर प्रदान करने के लिए भी प्रोत्साहित करता है। इसमेंं शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, खेल, रक्षा सेवाएं और नेतृत्व की भूमिकाएं शामिल हैं। भारत में राष्ट्रीय बालिका दिवस को बालिकाओं के अधिकारों, उपलब्धियों और चुनौतियों को मान्यता देने के लिए समर्पित दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह जागरूकता कार्यक्रम समुदायों और विद्यालयों को लैंगिक समानता को बढ़ावा देने, बालिकाओं की शिक्षा का समर्थन करने और उन्हें प्रभावित करने वाले विभिन्न सामाजिक मुद्दों को संबोधित करने के लिए प्रेरित करता है। इसकी शुरुआत केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से वर्ष, 2008 में बालिका के महत्व के बारे में दीर्घकालिक जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से हुई थी।

