Home » बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से निवेशकों की धारणा प्रभावित, Defence Stocks में उछाल

बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से निवेशकों की धारणा प्रभावित, Defence Stocks में उछाल

by Business Remedies
0 comments

बिजऩेस रेमेडीज/मुंबई/आईएएनएसबाजार विश्लेषकों ने शनिवार को कहा कि इस सप्ताह Indian Share Market में अत्यधिक उतार-चढ़ाव देखा गया, जो अंत में आखिरी कारोबारी दिन लाल निशान में बंद हुआ। उन्होंने कहा कि शुरुआती आशावाद अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता में प्रगति की वजह से देखा गया, जो कि आखिर में इजरायल द्वारा ईरान की न्यूक्लियर साइट पर हमले करने के बाद बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से प्रभावित हुआ। इस घटनाक्रम ने ग्लोबल रिस्क-ऑफ सेंटीमेंट को जन्म दिया, जिससे सोने और अमेरिकी बॉन्ड जैसे सेफ-हेवन एसेट में तेजी आई। आपूर्ति में व्यवधान की आशंकाओं के फिर से उभरने के कारण महीनों के कंसोलिडेशन के बाद तेल की कीमतें 76 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गईं।
Geojit investments limited के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि डोमेस्टिक फ्रंट पर, CPI मुद्रास्फीति 75 महीने के निचले स्तर पर आ गई, जिससे कुछ राहत मिली। हालांकि, मध्य पूर्व संघर्ष के तेज होने पर कच्चे तेल की कीमतों में हाल ही में हुई तेजी इस प्रवृत्ति को उलट सकती है। सेक्टोरल फ्रंट पर, ऑटो, रियलिटी और Banking जैसे रेट-सेंसिटिव सेक्टर में मुनाफावसूली देखी गई, जबकि कमजोर रुपए के बीच आईटी और फार्मा जैसे निर्यात-उन्मुख सेक्टर में तेजी आई। बाजार में व्यापक आधार पर बिकवाली देखी गई, जिसमें सभी प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांक नकारात्मक क्षेत्र में समाप्त हुए, जबकि भारत वीक्स में 7 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई, जो बढ़ी हुई अस्थिरता और निवेशकों की चिंता को दर्शाता है। निफ्टी 50 में तेजी से गिरावट आई, जो शुरुआती कारोबार में 24,473 के इंट्राडे लो तक पहुंच गया। हालांकि, सूचकांक 169.60 अंक या 0.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,718.60 पर बंद हुआ। सेक्टोरल फ्रंट पर, निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स ने 1.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ खराब प्रदर्शन किया।

Bajaj Broking Researchके एक नोट में कहा गया है, ‘ब्रॉडर मार्केट भी दबाव में रहा, निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में क्रमश: 0.37 प्रतिशत और 0.49 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके विपरीत, इजरायल-ईरान के बढ़ते तनाव के बीच डिफेंस शेयरों में तेज खरीदारी देखी गई।’ Religare Broking Limitedके सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, रिसर्च, अजीत मिश्रा ने कहा कि मौजूदा परिदृश्य को देखते हुए, ट्रेडर्स को दोनों पक्षों पर पॉजिशन के साथ एक संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखना चाहिए और सेक्टोरल एंड थीमैटिक ट्रेंड से प्रेरित स्टॉक सेलेक्शन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। आगे देखते हुए, निवेशकों से प्रीमियम वैल्यूएशन और भू-राजनीतिक जोखिमों के बीच सतर्क रहने की उम्मीद है। वर्तमान में सभी की निगाहें आगामी यूएस फेड मीटिंग पर हैं, जहां ब्याज दरें अपरिवर्तित रहने की संभावना है। हालांकि, बाजार पर नजर रखने वालों ने कहा कि भविष्य की नीति संकेतों के लिए फेड की टिप्पणी और आर्थिक अनुमानों की बारीकी से जांच की जाएगी।



You may also like

Leave a Comment