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स्वच्छ भारत अभियान ने देश की चक्रीय अर्थव्यवस्था को दिया बढ़ावा

by Business Remedies
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punit jain

भारत में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन से सवा करोड़ लोगों को किसी न किसी रूप में रोजगार मिला है। स्वच्छ भारत अभियान ने चक्रीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दिया है। इसके तहत घरों से निकलने वाले कचरे से अब खाद, बायोगैस बिजली और सडक़ निर्माण में इस्तेमाल होने वाले चारकोल जैसे पदार्थों का उत्पादन किया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के शुभारंभ के 10 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते दो अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता से संबंधित 10 हजार करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाएं शुरू कीं। देश में हरित, श्वेत, पीली, नीली आदि क्रांतियां तो हुईं, लेकिन शौचालय क्रांति की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। यही कारण रहा कि आधुनिकता और विकास के तमाम दावों तथा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में दुनिया भर में अपना लोहा मनवाने वाला भारत ऐसे देशों में अग्रणी रहा, जहां लोग खुले में शौच जाते हैं।

इस मामले में भारत पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और श्रीलंका से भी पीछे रहा। यूपीए सरकार ने वर्ष 2012 तक सभी को शौचालय सुविधा मुहैया कराने के लिए देश के सभी जिलों में संपूर्ण स्वच्छता अभियान शुरू किया, लेकिन भ्रष्टाचार, नौकरशाही की सुस्ती और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण लक्ष्य दूर ही रहा। पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष, 2014 में पहल कर स्वच्छ भारत का समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित किया, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह लक्ष्य समय से पहले पूरा हो जाएगा। यूनिसेफ ने भी अब माना है कि अब देश की 90 प्रतिशत महिलाएं सुरक्षित महसूस कर रही हैं। स्वच्छ भारत मिशन के कारण महिलाओं में संक्रमण से होने वाली बीमारियों में भी काफी कमी आई है। इसके अलावा लाखों स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग से शौचालय बनने से उनके स्कूल छोडऩे की दर में कमी आई है। वहीं स्वच्छता से जुड़ी प्रतिष्ठा में वृद्धि से देश में बहुत मनोवैज्ञानिक परिवर्तन भी आया है। इसी का परिणाम है कि सफाई कार्य में शामिल लोगों को अब सम्मान की दृष्टि से देखा जाने लगा है। स्वच्छ भारत अभियान ने देश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन भी किया है। देश में करोड़ों शौचालयों के निर्माण से राजमिस्त्री, प्लंबर, मजदूर जैसे लाखों लोगों को रोजगार मिला है। इतना ही नहीं, स्वच्छ भारत अभियान ने महिला राजमिस्त्रियों की एक नई पीढ़ी तैयार की है।



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