बिजनेस रेमेडीज/अहमदाबाद (आईएएनएस) | केंद्रीय गृह मंत्री और गांधीनगर के सांसद अमित शाह ने अहमदाबाद में आयोजित गुजरात राज्य सहकारी संघ के शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने भारत के विकास यात्रा में सहकारिता की अहम भूमिका को रेखांकित किया। शाह ने “सहकारिता का विज्ञान” और “सहकारिता में विज्ञान” – दोनों की महत्ता पर जोर दिया और कहा कि सहकारी क्षेत्र की प्रगति के लिए सामूहिक प्रयास और समन्वय अत्यंत आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि चाहे डेयरी हो, बैंकिंग, आवास या कृषि – सभी सहकारी संस्थाओं के बीच सहयोग और समन्वय पारस्परिक लाभ और विकास के लिए अनिवार्य है। उनके अनुसार, “विकसित राष्ट्र बनने के लिए एक मजबूत सहकारी ढांचा राष्ट्रीय प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और भारत को अपने सहकारी तंत्र में आधुनिक पद्धतियों को अपनाना चाहिए।” गृह मंत्री ने अपने भाषण में यह भी कहा कि सहकारी क्षेत्र में परिवर्तन और तकनीकी प्रगति तब तक सार्थक नहीं होंगे जब तक कि उनका लाभ जमीनी स्तर, विशेष रूप से किसानों तक नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा, “जब तक ये नवाचार और प्रणालियाँ सीधे किसानों को लाभ नहीं पहुंचातीं, तब तक वे वास्तव में प्रभावी नहीं मानी जा सकतीं।” शाह ने सभी सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता बढ़ाने का भी आह्वान किया, ताकि जवाबदेही बनी रहे और हितधारकों के बीच विश्वास मजबूत हो। उन्होंने कहा, “पारदर्शिता कोई विकल्प नहीं, बल्कि सहकारी मॉडल के टिकाऊ और सफल रहने के लिए आवश्यक है।” उन्होंने गुजरात को सहकारी नवाचारों की प्रयोगशाला बताते हुए खुलासा किया कि राज्य में सहकारी संस्थाओं को आइसक्रीम, पनीर और चीज जैसे डेयरी उत्पादों के लिए मशीनरी और उपकरण बनाने की दिशा में सशक्त किया जा रहा है। शाह ने कहा, “आइसक्रीम, पनीर, चीज बनाने वाली मशीनें और उपकरण अब सहकारी संस्थाओं में ही बनेंगे। गुजरात में हम इसकी शुरुआत कर चुके हैं।”

