बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली
ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआइसीटीइ) और ओप्पो इंडिया ने देश में इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट जागरुकता अभियान (ई-वेस्ट) के अंतर्गत रामजस कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी में ‘जनरेशन ग्रीन’ अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की। इसके साथ ही यह कॉलेज इस कार्यक्रम के अंतर्गत पहला ‘ईको-कॉन्शियस चैंपियन इंस्टीट्यूट’ बन गया है। ओप्पो इंडिया और एआइसीटीइ ने कार्यक्रम के पहले चरण में भारत में कॉलेजों के युवाओं को इंटर्नशिप प्रदान करके उनमें हरित कौशल को बढ़ावा दिया। इन इंटर्नशिप्स के लिए 1,400 से ज्यादा संस्थानों के 9,000 से ज्यादा विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 5000 विद्यार्थियों का चयन किया गया। अब इन विद्यार्थियों को जागरुकता के सत्रों, ई-सर्वे, ग्रीन डे जश्नों के आयोजनों जैसी सस्टेनेबिलिटी की गतिविधियों में लगाया जा रहा है।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट मैनेजमेंट की बढ़ती चुनौतियों के बारे में शिक्षित किया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट में खराब तार, मोबाईल फोन, चार्जर, बैटरी आदि आते हैं, जिन्हें एक सस्टेनेबल भविष्य के लिए प्रभावी तरीके से संभाला जाना आवश्यक है। दूसरे चरण के लॉन्च कार्यक्रम में डॉ. अनिल सहस्रबुद्धे, चेयरपर्सन, नेशनल एजुकेशन टेक्नोलॉजी फोरम (एनईटीएफ) ने मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। इस अवसर पर अन्य गणमान्य लोगों के साथ राकेश भारद्वाज, हेड, पब्लिक अफेयर्स, ओप्पो इंडिया और प्रोफेसर अजय कुमार अरोड़ा, प्रिंसिपल, रामजस कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी भी मौजूद थे।
इस दो दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न सोसायटीज, जैसे लिटरेरी सोसायटी, डांसिंग सोसायटी, म्यूजिक सोसायटी, फोटोग्राफी सोसायटी, क्विज सोसायटी, फाईन आर्ट्स सोसायटी आदि के विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों में संलग्न किया गया है। ओप्पो इंडिया में हेड, पब्लिक अफेयर्स, राकेश भारद्वाज ने कह कि ओप्पो इंडिया में हम भारत सरकार के नेट-जीरो के लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम एक सस्टेनेबल भविष्य की ओर राष्ट्रीय अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं, जो युवाओं की शक्ति से संचालित हो।’’ उन्होंने आगे कहा कि इस अभियान में उनकी तल्लीनता और गतिशीलता से उनका सक्रिय योगदान प्रदर्शित होता है, जो कुछ ही हफ्तों में 1 लाख से ज्यादा हरित संकल्पों तक पहुँच चुका है। युवा लोग आगे आ रहे हैं, जिम्मेदारी ले रहे हैं, और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने में सबका नेतृत्व कर रहे हैं। पहले चरण में हमारे साथ 20 राज्यों और 3 केंद्रीय प्रांतों के 5,000 सस्टेनेबिलिटी चैंपियन जुड़े, जो अब अन्य लोगों को स्वच्छ और सस्टेनेबल भविष्य की ओर प्रयास करने की प्रेरणा दे रहे हैं। दूसरे चरण के साथ ये युवा नेतृत्वकर्ता भारत के कॉलेजों में सक्रिय सहभागिता द्वारा ई-वेस्ट मैनेजमेंट पर ध्यान केंद्रित करेंगे, और एक विकसित होती हुई हरित अर्थव्यवस्था के लिए हरित मानसिकता का निर्माण करेंगे।’’
एक महीने के अंदर ही, स्कूलों और कॉलेजों के 1 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने कम ऊर्जा का उपयोग करने और जिम्मेदारीपूर्वक ई-वेस्ट प्रबंधन का संकल्प लिया है, जिससे ज्यादा सस्टेनेबल जीवनशैली में योगदान मिलेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य 2024 के अंत तक भारत में कम से कम 10 लाख विद्यार्थियों तक पहुँचना है।
अगले कुछ हफ्तों में ई-वेस्ट जागरुकता अभियान को प्रतिष्ठित संस्थानों, जैसे सेंट जेवियर कॉलेज, मुंबई; एमिटी यूनिवर्सिटी, झारखंड; सिल्वर ओक यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद; दयानंद सागर यूनिवर्सिटी, बैंगलोर; एसआरएम यूनिवर्सिटी, दिल्ली-एनसीआर, सोनीपत; जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी, जयपुर आदि में ले जाया जाएगा। यहाँ विद्यार्थियों, कर्मचारियों और नजदीकी संस्थानों को ई-कचरा इक_ा करने और उसका केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा अधिकृत कंपनियों के माध्यम से जिम्मेदारीपूर्वक निपटान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इन कॉलेजों के विद्यार्थियों को सस्टेनेबिलिटी इंटर्न के रूप में नियुक्त किया जाएगा, जो कैंपस एंबेसडर के रूप में सस्टेनेबल विधियों को प्रोत्साहित करेंगे।




