महासागर की सतह के नीचे, प्राचीन अवसादों में दबी हुई, विनाशकारी ब्रह्मांडीय विस्फोटों की फुसफुसाहट छिपी है—वे सुपरनोवा, जिन्होंने कभी पृथ्वी को तारकीय धूल से नहलाया था। वैज्ञानिकों ने दुर्लभ समस्थानिकों की खोज की है, जो लंबे समय से लुप्त सितारों के विस्फोटों की संभावित गूंज हो सकते हैं, जिससे एक रोमांचक सवाल उठता है: क्या चंद्रमा इससे भी स्पष्ट प्रमाण रख सकता है?
पृथ्वी पर, समय के साथ ये निशान मिट जाते हैं, लेकिन चंद्रमा एक शुद्ध ब्रह्मांडीय अभिलेखागार है। यदि ये तारकीय निशान वहां की मिट्टी में मौजूद हैं, तो यह पुष्टि हो सकती है कि पृथ्वी पर मरते हुए सितारों के अवशेषों की बौछार हुई थी। यह केवल एक वैज्ञानिक पहेली नहीं है बल्कि हमारी आकाशगंगा के हिंसक और अद्भुत इतिहास की एक खिडक़ी है। आगामी चंद्र मिशनों के साथ शोधकर्ता एक महत्वपूर्ण खोज के कगार पर हैं। यदि प्रमाण मिलते हैं, तो यह ब्रह्मांडीय शक्तियों की हमारी समझ को बदल सकता है, जो शायद जीवन को आकार देने में भी भूमिका निभा चुके हों। ब्रह्मांड के विस्फोटक अतीत की खोज शुरू हो चुकी है और इस बार चंद्रमा हमारा अंतिम गवाह हो सकता है।




