बिजनेस रेमेडीज/मुंबई। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 14 मार्च को समाप्त सप्ताह में 30.5 करोड़ डॉलर बढक़र 654.271 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने यह जानकारी दी। इसके एक सप्ताह पहले देश का विदेशी मुद्रा भंडार 15.267 अरब डॉलर बढक़र 653.966 अरब डॉलर हो गया था। यह दो वर्षों में किसी एक सप्ताह में आया सबसे तेज उछाल था। इस उछाल का श्रेय 28 फरवरी को केंद्रीय बैंक द्वारा किए गए 10 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा विनिमय को दिया गया। रुपये में उतार-चढ़ाव को कम करने में मदद के लिए आरबीआई द्वारा विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप के साथ-साथ पुनर्मूल्यांकन के कारण हाल ही में विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट का रुख रहा है। सितंबर 2024 के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार 704.88 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का एक प्रमुख हिस्सा विदेशी मुद्रा आस्तियां 9.6 करोड़ डॉलर घटकर 557.186 अरब डॉलर रह गईं। डॉलर के संदर्भ में उल्लेखित विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की घट-बढ़ का प्रभाव शामिल होता है। हालांकि, समीक्षाधीन सप्ताह में स्वर्ण भंडार का मूल्य 6.6 अरब डॉलर बढक़र 74.391 अरब डॉलर हो गया। विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 5.1 करोड़ डॉलर बढक़र 18.262 अरब डॉलर हो गया।
आंकड़ों के अनुसार, आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत का आरक्षित भंडार 28.3 करोड़ डॉलर बढक़र 4.431 अरब डॉलर रहा।

