Friday, October 23, 2026 |
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बांग्लादेश की पाक से बढ़ती नजदीकियां, हो सकता है भारत को नुकसान

by Business Remedies
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punit jain

भारत से बढ़ती दूरियों के बीच इन दिनों बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक संबंधों में नई मजबूती देखी जा रही है। बांग्लादेश ने पाकिस्तान से चीनी आयात का निर्णय लिया है, जिससे भारत को आर्थिक झटका लग सकता है। दरअसल, बांग्लादेश ने पहली बार पाकिस्तान से भारी मात्रा में चीनी खरीदने का निर्णय लिया है। जहां पाकिस्तान अगले महीने कराची पोर्ट से चिटगॉन्ग पोर्ट तक करीब छह सौ हजार से अधिक टन चीनी की पहली खेप भेजने की तैयारी कर रहा है। जानकारी यह भी मिली है कि यह सौदा कई वर्षों बाद हुआ है। अब तक बांग्लादेश अपनी चीनी की जरूरत भारत से पूरी करता था, लेकिन भारत की ओर से चीनी निर्यात पर रोक लगाए जाने के कारण उसने पाकिस्तान से आयात का विकल्प चुना है। पिछले दिनों ही पाकिस्तानी शुगर इंडस्ट्री ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अनुमति के बाद इस बड़े निर्यात समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत, चीनी का एक बड़ा हिस्सा बांग्लादेश को निर्यात किया जाएगा। यह निर्णय बांग्लादेश को चीनी की आपूर्ति सुनिश्चित करने और घरेलू शुगर इंडस्ट्री को नई संभावनाएं प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। जहां पाकिस्तान से चीनी खरीदने से पहले बांग्लादेश भारत से चीनी मंगाता था। वर्ष,2021-22 में भारत से बांग्लादेश ने करीब 56.59 करोड़ डॉलर की चीन मंगाई, जबकि वर्ष, 2020-21 में ये आंकड़ा 7.47 करोड़ डॉलर का था। वर्ष, 2023 की बात करें तो एक रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश ने भारत से 353.46 मिलियन डॉलर का चीनी मंगाया। पाकिस्तान की कुल 6 लाख टन चीनी निर्यात योजना में से 70 हजार टन चीनी मध्य एशियाई देशों को भेजी जाएगी जबकि, थाईलैंड ने पचास हजार टन चीनी खरीदी है। इसके अलावा, खाड़ी देशों, अरब देशों और कई अफ्रीकी देशों ने भी पाकिस्तान से चीनी खरीदने के लिए समझौते किए हैं। पाकिस्तानी चीनी व्यापारियों के प्रतिनिधि के अनुसार यह निर्यात समझौता देश की शुगर इंडस्ट्री के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इस सौदे से न केवल पाकिस्तानी उद्योग को नए बाजारों तक पहुंच मिलेगी, बल्कि विदेशी मुद्रा भंडार में भी वृद्धि होगी। इसके अलावा चीनी आयात सौदा बांग्लादेश-पाकिस्तान के व्यापारिक संबंधों में एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है। एक तरफ इससे जहां क्षेत्रीय बाजार में पाकिस्तान की स्थिति भी मजबूत होगी। वहीं, दूसरी ओर भारत को इससे नुकसान हो सकता है।



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