एविएशन कंपनियां अपने यात्रियों की सुविधा के लिए नित नई प्लानिंग करती रहती है। पिछले दिनों ही एविएशन कंपनियों ने कोहरे के कारण फ्लाइट देरी से उड़ान भरने पर यात्रियों को भोजन कराने की योजना तैयार की है। जो सराहनीय कदम कहा जा सकता है। उत्तर भारत में कोहरे की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे मौसम में ट्रेन तो लेट होती ही है, साथ ही फ्लाइट भी इसकी मार से नहीं बच पाती है। हालांकि सरकार कोहरे के कहर को तो कम नहीं कर सकती है, लेकिन इस दौरान एयर पैसेंजर्स को होने वाली परेशानी को कुछ कम करने का प्रयास किया गया है। अक्सर देखा जाता है कि डिलेड फ्लाइट में एविएशन कंपनियां यात्रियों को उनके हाल पर छोड़ देती हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। केंद्र सरकार के तहत काम करने वाले डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन या डीजीसीए ने एयरलांइस पर नकेल कस दी है। अब जैसे ही फ्लाइट डिले होना शुरू हुआ, उन्हें यह काम करना होगा। उत्तर भारत में सर्दी के मौसम की शुरुआत हो चुकी है। हालांकि, अभी ढंग से कोहरा नहीं उतरा है। लेकिन स्मॉग के कारण भी पिछले दिनों फ्लाइट डिले हुई थी। दरअसल, इन दिनों उत्तर भारत में कम विजिबिलिटी के कारण फ्लाइट्स की देरी आम बात है। इसी को ध्यान में रखते हुए डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने एयरलाइंस को यह निर्देश जारी किया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पिछले दिनों ही एक्स पर डीजीसीए के निर्णय की जानकारी दी। इसमें कहा गया है कि एयरलाइंस को फ्लाइट्स में देरी के दौरान यात्रियों को कुछ सुविधाएं देनी ही होंगी। फ्लाइट अपने तय समय से दो घंटे तक लेट होती है तो यात्रियों को पीने का पानी देना होगा। उड़ान में दो घंटे से चार घंटे की देरी होती है तो पैसेंजर्स को चाय-कॉफी के साथ स्नेक्स या रिफ्रेशनमेंट उपलब्ध कराना होगा। यदि फ्लाइट चार घंटे से ज्यादा लेट होती है तो उन्हें भोजन उपलब्ध कराना होगा। इस प्लानिंग की सराहना फ्लाइट में यात्रा करने वाले यात्रियों ने तो की है, साथ ही यह एविएशन कंपनियों का उचित कदम ही कहा जाएगा।




