जयपुर। गुजरात के राजकोट आधारित कंपनी ‘Gajanand International Limited‘ ने 30 सितंबर 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही के वित्तीय परिणाम प्रस्तुत किए हैं।
30 सितंबर 2024 को समाप्त छमाही में कंपनी का राजस्व गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 30.76 करोड़ रुपए के मुकाबले 43.49 करोड़ रुपए दर्ज किया गया है। उक्त अवधि में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 1.04 करोड़ रुपए के मुकाबले 1.13 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। 30 सितंबर 2024 को समाप्त छमाही में कंपनी ने 0.70 रुपए का ईपीएस अर्जित किया है।
यह करती है कंपनी : गजानंद इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा सबसे पहले राजकोट एवं आसपास की मंडियों से रॉ-कॉटन यानी कि कपास हासिल की जाती है। इसके बाद कपास का कॉन्टेमिनेशन हटाने के लिए उसकी चरणबद्ध तरीके से क्लीनिंग की जाती है। बीआर जिन मशीन द्वारा लिंट यानी की रूई तैयार की जाती है। प्रेसिंग की मदद से रुई को बेल्स यानि कि गांठ में तब्दील कर दिया जाता है। कॉटन सीड्स को एक्सपेलर मशीन में डालकर कॉटन सीड ऑयल एवं कपासिया खली तैयार की जाती है। कॉटन सीड वॉश आयल को रिफाइंड एडिबल ऑयल बनाने वाली कंपनियों को बिक्री किया जाता है। कंपनी की निर्माण इकाई राजकोट के नजदीक जसदान में स्थित है। कंपनी की निर्माण क्षमता प्रतिदिन 250 बेल्स/करीब 40 मेट्रिक टन प्रतिदिन की है। वहीं कंपनी प्रतिदिन 80 मेट्रिक टन कॉटन सीड ऑयल बनाने की क्षमता रखती है। इस दौरान प्रतिदिन 68 से 70 टन खली तैयार की जा सकती है। क्योंकि कॉटन सीड में 10 से 12 फ़ीसदी ही ऑयल रिकवरी होती है। कंपनी द्वारा गुजरात में उगाई जा रही बेहतरीन कॉटन फसल शंकर-6 से यार्न तैयार की जा रही है। जिसकी घरेलू यार्न इकाइयों के साथ बांग्लादेश, चीन, टर्की इत्यादि देशों में भारी मांग है। इसके साथ ही कंपनी ऑर्गेनिक, बीसीआई, पीएमआर कॉटन की भी प्रोसेसिंग करती है। कॉटन की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचने के लिए कंपनी अवधि के हिसाब से स्थानीय बाजार या कमोडिटी एक्सचेंज पर हेजिंग करती है।

