बिजनेस रेमेडीज/मुंबई। निजी इक्विटी और उद्यम पूंजी निवेश सितम्बर तिमाही में 40 प्रतिशत घटकर 8.8 अरब डॉलर रहा। जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। उद्योग के लिए जनसंपर्क करने वाला समूह आईवीसीए और परामर्श कंपनी ईवाई की रिपोर्ट में कहा गया कि कुल सौदों की संख्या 26 प्रतिशत बढक़र 283 होने के बावजूद कुल निवेश में 40 प्रतिशत गिरावट आई। परामर्श कंपनी के साझेदार विवेक सोनी ने कहा, “वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव ने अनिश्चितता पैदा कर दी है। इससे निवेश पर असर पड़ा है। निवेशक अधिक सतर्क हो गए हैं, जिससे सौदों की गति धीमी हो गई है। यदि वैश्विक अनिश्चितताएं जारी रहती हैं तो यह सुस्ती बनी रह सकती है।” हालांकि, उन्होंने कहा कि भारत की राजकोषीय स्थिति मजबूत बनी हुई है, इसलिए कंपनी का दृष्टिकोण ‘सतर्क रूप से आशावादी’ बना हुआ है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 10 करोड़ डॉलर से अधिक के बड़े सौदे आधे से भी कम होकर 21 रह गए। इनका कुल मूल्य 5.5 अरब डॉलर रहा। साथ ही, रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचा क्षेत्र को छोडक़र निजी इक्विटी/उद्यम पूंजी सौदे 30 प्रतिशत घटकर 6.5 अरब डॉलर रहे।

