जयपुर | कुंजेश कुमार पतसारिया
वर्तमान में भारतीय शेयर बाजार एक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है, जहां प्रमुख सूचकांकों में लगातार उतार-चढ़ाव और भारी गिरावट देखने को मिली है। इस अनिश्चितता ने निवेश की मजबूत कड़ी मानी जाने वाली रणनीति को भी कमजोर कर दिया है, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। बाजार की तेज गिरावट से छोटे और नए निवेशकों में सतर्कता बढ़ी है। खासतौर पर Small-cap और Mid-cap शेयरों में जोखिम को लेकर निवेशक अब ज्यादा सोच-समझकर कदम उठा रहे हैं। आने वाला त्योहारी सीजन बाजार के लिए अहम साबित हो सकता है। ज्वैलरी, ऑटोमोबाइल, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं, FMCG खुदरा बिक्री जैसे क्षेत्रों में मांग बढ़ने की उम्मीद है। वहीं बाजार विशेषज्ञ उपभोक्ता विवेकाधीन क्षेत्र में स्थिर वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं। साथ ही अगर कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं, विदेशी बिकवाली कम होती है और कंपनियों के परिणाम बेहतर आते हैं, तो बाजार में भरोसा लौट सकता है। Stock Market से जुड़े बिंदुओं को लेकर गत दिवस विशेषज्ञों से बातचीत कर उनसे राय जानी।
Stock Market पूरी तरह से Crude पर Depend है। जब तक Crude की कीमतें 80 से 85 डॉलर प्रति बैरल नहीं आ जाती हैं और भारत सरकार विदेशी निवेशकों को रोकने के लिए कोई आकर्षक Scheme, घरेलू निवेशकों के लिए STT या Long Term के लिए निर्णय नहीं लाती, तभी शेयर मार्केट में तेजी आ पाएगी। मुझे सौ फीसदी उम्मीद है कि एक फरवरी को Budget और उत्तरप्रदेश में चुनाव होने के कारण सरकार अक्टूबर-नवंबर में कोई निर्णय लाएगी, जिससे घरेलू निवेशकों को शेयर मार्केट में Gain हो सकेगा। शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच छोटे निवेशक इन दिनों Wait and Watch करें, Crude के भाव रोज देखें और दो से पांच दिन Watch करें। जो अच्छे Valuable Stocks, अच्छे Fundamentals Stocks हैं, उन्हें दो-तीन Parts में धीरे-धीरे खरीदें, एक साथ नहीं खरीदें।
-राजेश कुमार सोढ़ानी, SEBI Registered Research Analyst और Founder of सोढ़ानी Group of Companies
शेयर मार्केट में Global अनिश्चितता के कारण अभी बिकवाली का दबाव बना हुआ है। बाहर की Agencies के कारण बिकवाली और भी जारी रह सकती है। बाजार ने Bounce Break दिया था, लेकिन Support नहीं मिलने से बाजार फिर से टूट गया। घरेलू निवेशक खरीददारी नहीं करते हैं और Economy को देखते रहे, अगर वे शुरू करेंगे तभी बाजार को Support मिलेगा। इसका कारण यह है कि US Bond Yield का बढ़ना है। 22800 के ऊपर Nifty Closing देता है, तो Pullback Rally देखने को मिल सकती है। नहीं तो Nifty 21800 तक नीचे जा सकता है। हालांकि त्योहारी सीजन में Company-specific और Sector-specific ही चलता है। जैसे Tata Motors, Maruti और Automobile Segment में बढ़ोतरी होने की संभावना दिखती है। निवेशक अगर बढ़िया शेयर Mid-cap या Blue-chip जैसे शेयर खरीदता है, तो उसे Long Term में फायदा पहुंच सकता है। Short Term में सालभर तक निवेशक को कोई Gain नहीं होने वाला है। निवेशकों को सलाह यही है कि वे अच्छे Stocks पर ही निवेश करें। अच्छे शेयर थोड़े-थोड़े Amount के साथ खरीदते रहें और उसे Long Term तक चलाएं। फिलहाल निवेशकों को बेहतर अवसर देने वाले Sector EV, Solar, Automobile और Pharma के शेयर ही हैं।
-अजय सक्सेना, डायरेक्टर, मोतीसंस

