Digital Loan Book में बढ़ोतरी
नई दिल्ली। भारत में Digital NBFCs के Personal Loan Business में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। FACE की एक रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 तक Digital NBFCs का Personal Loan Portfolio बढ़कर ₹1.54 लाख करोड़ हो गया है, जो जून 2025 की तुलना में करीब 28 प्रतिशत अधिक है।
3.4 करोड़ Loans हुए Sanction
रिपोर्ट के मुताबिक, April-June 2026 Quarter में Digital NBFCs ने करीब 3.4 करोड़ Personal Loans Sanction किए, जिनकी कुल Value ₹64,656 करोड़ रही। यह Personal Loan Segment में कुल Sanction Volume का करीब 70 प्रतिशत और Sanction Value का 22 प्रतिशत हिस्सा है।
Average Ticket Size में इजाफा
Digital Personal Loans का Average Ticket Size बढ़कर ₹18,802 हो गया है, जो FY25-26 की तुलना में करीब 15 प्रतिशत ज्यादा है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल Sanction Value में 58 प्रतिशत हिस्सा 35 वर्ष से कम उम्र के Customers का रहा, जबकि 40 प्रतिशत Loan Value Tier III Cities और उससे छोटे शहरों के ग्राहकों को मिली।
Portfolio Quality में सुधार
Digital NBFCs के Loan Portfolio की Quality में भी सुधार दर्ज किया गया है। जून 2026 में 90 Days से ज्यादा समय तक Overdue रहने वाले Loans यानी Days Past Due (DPD) 1.4 प्रतिशत रहे। यह Digital Lending Sector में बेहतर Credit Management को दर्शाता है।
महिलाओं की Credit Participation बढ़ाने की जरूरत
रिपोर्ट में बताया गया कि Personal Loan Sanction Value में महिलाओं की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत रही। यह आंकड़ा Formal Credit System में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की संभावनाओं को दर्शाता है। महिलाओं की जरूरतों के अनुसार Loan Products विकसित करने की आवश्यकता भी बताई गई है।
Loan Size और Credit Profile में बदलाव
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 60 प्रतिशत Sanction Value ₹50,000 से ज्यादा के Loans से आई। वहीं, पांच साल या उससे अधिक Credit History वाले और Mid-to-Low Risk Profile वाले Borrowers का योगदान भी बढ़ा है।
जिम्मेदार Lending पर जोर
FACE के CEO Sugandh Saxena ने कहा कि Digital Lending Sector में Quality Growth बनाए रखने के लिए Customer Interest, Transparency और Responsible Conduct को प्राथमिकता देना जरूरी है।

