मुंबई । भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में SIP के जरिए मैनेज किया जाने वाला Assets Under Management (AUM) अगस्त 2026 में सालाना आधार पर 23% बढ़कर 18.62 लाख करोड़ रुपये हो गया। Franklin Templeton India Mutual Fund की Latest Report के मुताबिक, SIP में लगातार हो रहे Investment और SIP Account की संख्या बढ़ने से Assets Under Management में यह तेजी आई है।
अगस्त 2026 में Monthly Gross SIP Investment 14% बढ़कर 32,297 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, Account की संख्या सालाना आधार पर 12.1% बढ़कर 10.75 करोड़ हो गई। अगस्त 2026 तक खत्म हुए 12 महीनों में कुल SIP Investment 17% बढ़कर 3.7 लाख करोड़ रुपये रहा।
इक्विटी में SIP का Contribution और Flow 2 साल के High पर
मजबूत SIP Investment के कारण Equity Mutual Fund में SIP के जरिए होने वाले Investment का Contribution बढ़ा है। अगस्त 2026 में Equity AUM में SIP AUM की हिस्सेदारी बढ़कर 30.7% हो गई। यह पिछले 2 साल का सबसे ऊंचा स्तर है। अगस्त 2024 में यह हिस्सेदारी 27.4% थी।
इसी तरह, कुल Equity Investment में SIP के जरिए आने वाले पैसे की हिस्सेदारी भी बढ़कर 43% हो गई। यह भी 2 साल का High Level है। अगस्त 2024 में यह सिर्फ 24% थी।
भारत में SIP Investment लगातार बढ़ रहा है
SIP AUM: 18.62 लाख करोड़ रुपये — सालाना आधार पर 23% बढ़ा
Monthly SIP Investment: 32,297 करोड़ रुपये — सालाना आधार पर 14% बढ़ा
SIP Accounts: 10.75 करोड़ — सालाना आधार पर 12.1% बढ़े
12 महीने का SIP Investment: 3.70 लाख करोड़ रुपये — सालाना आधार पर 17% बढ़ा
Equity AUM में SIP की हिस्सेदारी
अगस्त 2024: 27.4%
अगस्त 2026: 30.7%
कुल Equity Investment में SIP की हिस्सेदारी
अगस्त 2024: 24%
अगस्त 2026: 43%
3 साल से भी कम समय में Monthly SIP Investment Double
19,187 करोड़ रुपये से 32,297 करोड़ रुपये
Growth में सबसे आगे
अगस्त 2026 में कुल Mutual Fund Industry का AUM सालाना आधार पर 15.8% बढ़ा। वहीं, Equity और Hybrid Fund का AUM 18.5% की तेज गति से बढ़ा।
इसी अवधि में Passive Fund का AUM 27.2% बढ़ा। वहीं, Gold ETF का AUM 2.6 गुना और Silver ETF का AUM 3.3 गुना बढ़ गया।
अगस्त 2026 में NFO यानी New Fund Offer से पिछले 11 महीनों में सबसे ज्यादा Monthly Investment आया। NFO के जरिए कुल 7,110 करोड़ रुपये जुटाए गए।
Flexi-cap Fund Equity में सबसे आगे, Debt में Liquid Fund
Equity Mutual Fund की अलग-अलग Categories में Flexi-cap Fund ने सबसे ज्यादा Net Sales दर्ज की। अगस्त 2026 तक के 12 महीनों में Flexi-cap Fund में 89,087 करोड़ रुपये की Net Sales हुई।
इसके बाद:
Small Cap Fund: 62,331 करोड़ रुपये
Mid Cap Fund: 61,016 करोड़ रुपये
Multi Cap Fund: 33,815 करोड़ रुपये
Sectoral और Thematic Fund: 19,234 करोड़ रुपये
Franklin Templeton India Mutual Fund की Report के अनुसार, अगस्त 2026 तक के 12 महीनों में Liquid Fund ने Debt Fund Category में सबसे ज्यादा 1,48,876 करोड़ रुपये की Net Sales दर्ज की।
इसी अवधि में Sectoral Debt Fund में 583 करोड़ रुपये की Net Sales और Credit Risk Fund में 557 करोड़ रुपये की Net Sales रही। वहीं, Debt Fund की बाकी सभी Categories में इस दौरान Net Outflow यानी Investment से ज्यादा पैसा बाहर निकला।
Hybrid Fund में Multi Asset Fund सबसे आगे
Hybrid Fund की Category में अगस्त 2026 तक के 12 महीनों में Multi Asset Allocation Fund ने सबसे ज्यादा 68,519 करोड़ रुपये की Net Sales दर्ज की।
इसके बाद Arbitrage Fund में 27,188 करोड़ और Balanced/Aggressive Hybrid Fund में 19,554 करोड़ रुपये की Net Sales रही। इसी अवधि में ETF में 1,16,997 करोड़ रुपये की Net Sales दर्ज की गई।
SIF तेजी से बढ़ती Category के रूप में उभरे
Specialized Investment Funds (SIFs) में तेज Growth देखने को मिली। अगस्त 2026 में Specialized Investment Fund का AUM बढ़कर 31,175 करोड़ रुपये हो गया, जो सिर्फ 11 महीनों में 15 गुना बढ़ा है। इस Growth को Positive Net Flow और SIF Schemes की संख्या में 8 गुना बढ़ोतरी से Support मिला।
अगस्त 2026 तक के 12 महीनों में राज्यों में New Delhi के Average AUM में सबसे तेज 37.85% की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद Telangana में 19.19% और Rajasthan में 15.44% की बढ़ोतरी हुई। Report में यह भी बताया गया है कि Top-10 के बाहर की Asset Management Companies का Contribution लगातार बढ़ रहा है।
Industry के कुल AUM में इन कंपनियों की हिस्सेदारी दिसंबर 2018 में 17.3% से बढ़कर जून 2026 में 24.3% हो गई। इससे पता चलता है कि भारत के Mutual Fund Industry में Competition बढ़ रही है और ज्यादा कंपनियां Market में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही हैं।

