नई दिल्ली,
GIFT City IFSC का बढ़ता कद
भारत के GIFT City International Financial Services Centre (GIFT-IFSC) ने अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग और cross-border financing के क्षेत्र में मजबूत स्थिति बनाई है। Finance Ministry के अनुसार, 31 अगस्त 2026 तक GIFT-IFSC में कार्यरत 20 IFSC Banking Units (IBUs) ने Reserve Bank of India की FCNR(B) Swap Facility के तहत 54.02 बिलियन डॉलर की राशि sanction की, जिसमें से करीब 52.82 बिलियन डॉलर disburse हो चुकी है।
घरेलू और विदेशी बैंकों की भागीदारी
इस सुविधा में प्रमुख भारतीय और विदेशी बैंकों की भागीदारी रही है। Finance Ministry के मुताबिक, अलग-अलग IBUs ने इस सुविधा के तहत महत्वपूर्ण sanctions और disbursements किए हैं। इससे GIFT-IFSC की वैश्विक foreign currency liquidity को भारतीय वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने की क्षमता सामने आती है।
ECB Financing में भी तेज वृद्धि
GIFT-IFSC में बैंकिंग गतिविधियों का विस्तार केवल FCNR(B) Swap Facility तक सीमित नहीं है। अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान GIFT-IFSC स्थित IBUs ने 11.62 बिलियन डॉलर के External Commercial Borrowings (ECBs) disburse किए। Monthly ECB disbursements अप्रैल के 1.54 बिलियन डॉलर से बढ़कर अगस्त में 3.54 बिलियन डॉलर हो गए।
Bond Listings में भारतीय बैंकों की सक्रियता
भारतीय बैंकों ने अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान IFSC exchanges पर Bond Listings के जरिए 11.12 बिलियन डॉलर जुटाए। इसमें जुलाई और अगस्त 2026 के दौरान ही 9.17 बिलियन डॉलर के Bonds list हुए, जो इस platform की बढ़ती उपयोगिता को दर्शाता है।
सरकार की पहल से मिली रफ्तार
Finance Minister Nirmala Sitharaman ने Public Sector Banks के MDs और CEOs को GIFT-IFSC में उपलब्ध financial services ecosystem और institutional infrastructure का लाभ उठाने के निर्देश दिए थे। IFSCA Chairperson K. Rajaraman के अनुसार, GIFT-IFSC में बैंकिंग गतिविधियों का तेज विस्तार भारत के बढ़ते international financial orientation और ecosystem की क्षमता को दर्शाता है।

