LNG आयात में 24% की बढ़ोतरी
नई दिल्ली: भारत का Liquefied Natural Gas (LNG) आयात बिल चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों (अप्रैल-जुलाई) में 24 प्रतिशत बढ़कर 5.6 अरब डॉलर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 4.5 अरब डॉलर था। Ministry of Petroleum and Natural Gas के आंकड़ों के अनुसार, West Asia संकट के कारण भारत ने LNG की खरीद के लिए नए स्रोतों पर निर्भरता बढ़ाई है।
अमेरिका से बढ़ी LNG और LPG खरीद
Strait of Hormuz में सप्लाई बाधित होने के कारण भारत ने अमेरिका से LNG और LPG की खरीद में तेजी लाई है। जुलाई महीने में भारत का LNG आयात 9.1 प्रतिशत बढ़कर 1.2 अरब डॉलर हो गया, जबकि जुलाई 2025 में यह 1.1 अरब डॉलर था। इस दौरान LNG आयात की मात्रा 2,915 mmscm रही, जो पिछले साल के 2,872 mmscm से 1.5 प्रतिशत अधिक है।
ऊर्जा सुरक्षा के लिए सप्लाई नेटवर्क में विस्तार
भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए LNG आयात के स्रोतों को छह देशों से बढ़ाकर 15 देशों तक कर दिया है। सरकार का उद्देश्य किसी एक देश, क्षेत्र या Transit Route पर निर्भरता कम करना है। इसके अलावा Crude Oil आयात के लिए भी भारत ने अपने नेटवर्क का विस्तार किया है और अब 41 देशों से तेल आयात किया जा रहा है।
शिपिंग लागत बढ़ने से आयात खर्च पर असर
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, West Asia संकट के कारण कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ शिपिंग लागत भी काफी बढ़ गई है, क्योंकि अब Cargoes को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
अमेरिका बना LPG का प्रमुख सप्लायर
Kpler के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में भारत ने अमेरिका से करीब 0.62 मिलियन टन LPG आयात किया, जबकि जुलाई में यह मात्रा 0.89 मिलियन टन थी। यह भारत के कुल LPG आयात का 73 प्रतिशत से अधिक है। वहीं UAE, Qatar और Saudi Arabia से LPG सप्लाई में गिरावट दर्ज की गई है।

