प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुज़ुकी इंडिया के नए ऑटोमोबाइल विनिर्माण संयंत्र का संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना ‘Make In India’ पहल के तहत भारत के विनिर्माण क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। खरखौदा में स्थापित यह नया संयंत्र मारुति सुज़ुकी का भारत में चौथा विनिर्माण केंद्र है और यह कंपनी के सबसे बड़े निवेशों में से एक माना जा रहा है। इस नए संयंत्र के शुरू होने के साथ ही कंपनी की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, जिससे भारत वैश्विक ऑटोमोबाइल विनिर्माण केंद्र के रूप में और अधिक मजबूत होगा।
मारुति सुज़ुकी के देशभर में मौजूद चारों विनिर्माण संयंत्रों में अब तक लगभग ₹.35,000 करोड़ का कुल निवेश किया जा चुका है। यह निवेश भारतीय बाज़ार के प्रति कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और विश्वास को दर्शाता है। पूरी क्षमता से संचालन शुरू होने के बाद खरखौदा संयंत्र से हर वर्ष 10 लाख यात्री वाहनों का उत्पादन किया जा सकेगा। इससे यह मारुति सुज़ुकी के सबसे बड़े विनिर्माण केंद्रों में शामिल हो जाएगा। उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ रोज़गार के नए अवसर भी पैदा होंगे और देश से ऑटोमोबाइल तथा ऑटो कलपुर्जों के निर्यात को भी मजबूती मिलेगी।
मारुति सुज़ुकी, भारत की मारुति और जापान की सुज़ुकी मोटर कॉर्पोरेशन की साझेदारी का सफल उदाहरण है। पिछले कई वर्षों से यह साझेदारी भारत के विनिर्माण क्षेत्र में जापानी निवेश की सबसे सफल कहानियों में गिनी जाती है। नया संयंत्र इस सहयोग को और मजबूत बनाने के साथ-साथ दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को भी नई ऊंचाई देगा। यह परियोजना केंद्र सरकार के उस व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है, जिसके तहत भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल और ऑटो कलपुर्जा विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इससे घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा, रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे और निर्यात में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची से मुलाकात की। बैठक से पहले दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का गर्मजोशी से स्वागत किया। बैठक कक्ष की ओर जाते समय सानाए ताकाइची ने भारत और जापान के राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक नमन भी किया।
दोनों नेताओं के बीच 16 वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन स्तर की वार्ता भी आयोजित होगी। इस दौरान दोनों देश द्विपक्षीय सहयोग के सभी प्रमुख क्षेत्रों की समीक्षा करेंगे, आपसी साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे तथा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।

