नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क | Central Board of Direct Taxes (CBDT) ने कर चोरी और बकाया वसूली पर सख्ती बढ़ाने के लिए एक व्यापक नई रणनीति तैयार की है। सरकार का फोकस गलत दावों की जांच, पुराने बकायों की तेज वसूली और बेहतर अनुपालन सुनिश्चित करने पर है, ताकि चालू वित्त वर्ष (2026-27) में 26.97 लाख करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य हासिल किया जा सके। CBDT की 2026-27 की केंद्रीय कार्य योजना में इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्पष्ट कदम बताए गए हैं। बोर्ड ने कई तरीकों को चिह्नित किया है, जिसमें डेटा एनालिटिक्स, आउटरीच प्रोग्राम्स, बेहतर डेब्ट रिकवरी मैकेनिज्म और फॉल्स क्लेम्स (गलत दावों) की गहन जांच शामिल है।
शुरुआती संग्रह में मजबूत वृद्धि
अभी तक के आंकड़ों से रणनीति की प्रभावशीलता दिख रही है। 17 जून 2026 तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 5.21 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक है। सकल संग्रह में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही कॉर्पोरेट टैक्स, एडवांस टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) से अच्छा योगदान मिला है। यह मजबूत शुरुआत बजट लक्ष्य को हासिल करने में आत्मविश्वास बढ़ाती है।
पुराने बकायों पर विशेष फोकस
रणनीति का एक अहम हिस्सा पुराने कर बकायों की आसान और तेज वसूली है। CBDT ने बड़े बकाया मामलों के लिए विशेष टीमें गठित करने और रिकवरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने की योजना बनाई है। इससे सरकार के राजस्व में अतिरिक्त बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
गलत दावों पर कसेगा शिकंजा
आयकर विभाग गलत डिडक्शन्स, एक्जेम्प्शन्स और इनकम रिपोर्टिंग में विसंगतियों की जांच तेज करेगा। हाल ही में सैलरीड क्लास (खासकर कुछ सेक्टर्स) में फर्जी क्लेम्स के मामलों का पता चला है। इसके बाद CBDT ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। NUDGE कैंपेन जैसे डेटा-ड्रिवन उपायों से टैक्सपेयर्स को स्वयं सुधारने का मौका भी दिया जा रहा है, लेकिन जानबूझकर चोरी करने वालों पर कार्रवाई होगी।
सरकार का संदेश
यह रणनीति न केवल राजस्व बढ़ाने बल्कि टैक्स व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अधिकारियों का कहना है कि ईमानदार टैक्सपेयर्स को सुविधा दी जाएगी, जबकि चोरी करने वालों पर सख्त शिकंजा कसा जाएगा।
लक्ष्य और चुनौतियां
= 2026-27 के लिए कुल प्रत्यक्ष कर लक्ष्य 26.97 लाख करोड़ रुपए है। इसमें कॉर्पोरेशन टैक्स लगभग 12.31 लाख करोड़ और इनकम टैक्स (अन्य सहित) 13.92 लाख करोड़ रुपए शामिल है।
= CBDT विभिन्न क्षेत्रों (जैसे Mumbai, Delhi, Bengaluru आदि) को क्षेत्रीय लक्ष्य आवंटित कर चुका है। मजबूत आर्थिक गतिविधियों और बेहतर अनुपालन से लक्ष्य हासिल करने की उम्मीद है, हालांकि नाम मात्र GDP वृद्धि की चुनौतियां भी मौजूद हैं.

